Yadadri Temple Images

Yadadri Temple | Lakshmi Narasimha Temple | Yadagiri Gutta | लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर

नमस्कार दोस्तों Yadadri Temple | Lakshmi Narasimha Temple | Yadagiri Gutta में आपका स्वागत है। आज हम हैदराबाद शहर से 60 किमी दूर स्थित लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर की जानकारी बताने वाले है। आपको बतादे की भगवान नरसिंह का निवास स्थल के रूप में प्रसिद्ध यादगिरिगुट्टा भक्तों के बीच बेहद लोकप्रिय है। हिन्दुओ के यह पवित्र मंदिर में भक्त भगवान का आशीर्वाद लेने, उन्हें अपनी प्रतिज्ञा और प्रार्थना करने, पूजा और अभिषेक करने और शाश्वत कल्याणम करने के लिए आते हैं।

यादगिरि गुट्टा भगवान विष्णु को समर्पित सबसे लोकप्रिय और ज्यादा देखे जाने वाले हिंदू मंदिरों में से एक है। यहाँ भगवान नरसिंह को ‘वैद्य नरसिम्हा’ या चिकित्सक के रूप में जाना जाता है। मान्यता के मुताबिक किसी भी पुरानी बीमारी यह मंदिर के दर्शन के बाद भगवान ठीक कर देते हैं। 4 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ पूरा मंदिर परिसर पत्थर से निर्मित है। अपने धार्मिक महत्व के साथ साथ पहाड़ी के ऊपर मंदिर का स्थान कई भव्य और नयनरम्य दृश्य के साथ ताजगी प्रदान करता है।

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Yadadri Temple History In Hindi यादाद्री मंदिर का इतिहास

भगवान विष्णु के अवतार भगवान नरसिंह पांच विभिन्न रूपों में यादगिरि में प्रकट है। उसको श्री ज्वालानरसिम्हा, श्री योगानंद, श्री गंडाभरुंडा, श्री उग्र और श्री लक्ष्मीनारसिंह के रूप में पूजा जाता है। भगवान की उपस्थिति से मंत्रमुग्ध और सम्मोहित यदारि ने भगवान से उनके साथ रहने की विनती की थी। तब भगवान ने गुफाओं की दीवारों में पांच रूपों में प्रकट हुए थे। दूसरी मान्यता के मुताबिक यदारि के मोक्ष प्राप्त करने के बाद आदिवासियों ने भगवान की उपस्थिति के बारे में जाना और उन्होंने पूजा करना शुरू किया था। 

उन्होंने अनजाने में अनुचित पूजा में लिप्त होना शुरू कर दिया था। उसकी वजह से भगवान ने पहाड़ियों में जाने का फैसला किया था। आदिवासियों ने कई सालो तक भगवान की खोज की मगर कोई फायदा नहीं हुआ था। एक रात भगवान नरसिंह एक भक्त के सपने में कबीले में प्रकट हुए और उन्हें एक गुफा में आने का निर्देश दिया था। भक्त ने ऐसा किया तो भगवान ने पांच अलग रूपों में प्रकट होकर उन्हें आशीर्वाद दिया था।  जो अब यादगिरी गुट्टा मंदिर है।

Lakshmi Narasimha Temple Images
Lakshmi Narasimha Temple Images

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Best Time To Visit Yadadri Temple यादाद्री मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय

अगर आप अपने फेमिली और दोस्तों के साथ यादगिरिगुट्टा और लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर घूमने जाने का प्लान बना रहे है। तो हम हमको बता दे कि यादगिरिगुट्टा घूमने का सबसे अच्छा मौसम अक्टूबर से मार्च है। क्योंकि इस समय आपको गर्मी से राहत होती है, जिससे आप अपनी यात्रा को ओर अधिक एन्जॉय कर सकते हैं। उस मौसम में आप बहुत अच्छे से यादगिरिगुट्टा को देखने का मजा ले सकते है।

Yadadri Temple Architecture यादाद्री मंदिर की वास्तुकला

यादगिरिगुट्टा की वास्तुकला देखे तो यह भव्य मंदिर की वास्तुकला में द्रविड़ शैली दिखाई देती है। आपको बतादे की लगभग 12 फीट ऊंचे और 30 फीट लंबे क्षेत्र में फैली एक गुफा के अंदर स्थित है। वह एक सीढ़ी दिखाई देती है। जो भक्तो को देवताओं को दीवारों में प्रकट किया जाता है। यहाँ ज्वालानरसिंह को नाग के आकार में और योगानंद नरसिम्हा को ध्यान मुद्रा में विश्राम करते हुए देख सकते है। लक्ष्मी नरसिम्हा के चांदी के देवताओं की आकर्षक उपस्थिति आंखों को सुकून देती है।

यादाद्री मंदिर के ठीक बगल में, दाईं ओर, भगवान हनुमान को समर्पित एक और मंदिर है। हनुमान के देवता के ठीक नीचे एक लंबा क्षैतिज अंतराल है। जहां गंधभरंद नरसिंह प्रकट हुए थे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री कल्वाकुंतला चंद्रशेखर राव ने नवीनीकरण योजनाओं का सुझाव दिया गया है। उसको लगभग 700 करोड़ रुपये की अनुमानित धनराशि की जरुरत है। तेलंगाना की केसीआर सरकार ने 1800 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।

Lakshmi Narasimha Temple
Lakshmi Narasimha Temple

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Yadadri Temple Timings 

सुबह 

यादगिरिगुट्टा मंदिर सुबह चार बजे खुलता और शाम 9:45 को बंद होता है। 

4 से 4:30 तक – सुप्रभातम

4:30 से 5 तक – बिन्दे तीर्थं

5 से 5:30 तक – बाला बोगाम

5:30 से 6:30 तक – निजाभिषेक

सुबह 6:30 से 7:15 तक – अर्चना

7:15 से 11:30 तक – दर्शन

11:30 से 12:30 – महाराजा बोगामु

12:30 से 3 तक – दर्शन
3 से 4 तक – द्वाराबंद

शाम

4 से 5 बजे तक – विशेष दर्शन

5 से 7 तक – दर्शन

7 से शाम 7:30 तक – आराधना

7:30 से 8:15 तक – अर्चना

8:15 से 9 तक – दर्शन

9 से रात 9:30 तक – महा निवेध

9:30 से 9:45 तक – शयनोस्तवम्स

9:45 PM- मंदिर बंद

लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर की फोटो गैलरी
लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर की फोटो गैलरी

Yadadri Temple Festivals यादाद्री मंदिर में कौन से त्यौहार मनाए जाते हैं?

Bramhostavams – श्री स्वामी वारी ब्रह्मोत्सवम का त्योहार पालगुनम के महीने में यानि फरवरी और मार्च के महीने में होता है। ब्रह्मोत्सव के समय हरिकथास, भजन, गायन पाठ, उपन्यासम और भरत नाट्यम जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। उस समय विभिन्न स्थानों से प्रतिष्ठित कलाकार और विद्वान आते रहते हैं।

Jayanthi Mahotsavams – श्री स्वामी वारी जयंती महोत्सव का त्योहार वैशाख सुधा द्वादशी के दिन से चतुर्दशी तक आयोजित होता है। ब्रह्मोत्सव और जयंती के समय रामायण, महा भारत, भगवत गीता और क्षेत्र महाथ्यम जैसे परायण की व्यवस्था की जाती है। 

Astothara Satha Ghatabhisekam – यह हर महीने स्वाति नक्षत्रम या स्वामी वरुण के जन्म नक्षत्र को होता है। आगम शास्त्र प्रक्रिया के अनुसार पूजा सुबह 4:30 बजे से सुबह 7:00 बजे तक होती है।

Pavithrostavams – श्री स्वामी वरी पवित्रोत्सव श्रवण शुद्ध दशमी से द्वादशी तक होता है।

Adhyanotsavams – श्री स्वामी वरी अध्यायनोत्सव वैकुंठ एकादशी से छह दिन होता है।

Dhanurmasams – उस समय के दौरान मंदिर में रोजाना सुबह एक मार्गी का आयोजन होता है। तिरुप्पवई कीर्तनम अर्चकों से किया जाता है।

Annakutothsavam – कार्तिक पूर्णिमा के दिन अन्नकूटोस्तवम किया जाता है।

लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर फोटो
लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर फोटो

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Yadadri Temple Prasadams

यादगिरिगुट्टा मंदिर के प्रसाद की बात करे तो मंदिर में लगभग 105 किलोग्राम प्रसाद वितरित किया जाता है। जो वह पूजा समाप्त होने के बाद हर दिन देवताओं को मुफ्त में देता है। प्रसाद वितरित करने महिलाओं के लिए अलग काउंटरों की व्यवस्था हैं। वह काउंटर सुबह 7 से रात 9 बजे तक खुले रहते हैं। अगर आप अधिक प्रसाद खरीदना चाहते हैं तो उसके लिए आपको कुछ शुल्क देना होता है। 

यादाद्री मंदिर की अन्य गतिविधियां

यादगिरिगुट्टा मंदिर कई अलग अलग पूजा और विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के साथ मंदिर में युवा पीढ़ियों को उनके धार्मिक इतिहास और पूर्वजों के बारे में शिक्षित करने के लिए विद्या पीठम सत्र का आयोजन किया जाता है। उसके अलावा मंदिर के परिसर में एक गौशाला स्थापित है। उसमें गाय, भैंस और कई अन्य पशु रहते हैं। मंदिर में निवेदन करने आवश्यक दूध घर की गौशाला से आता है।

sri lakshmi narasimha swamy temple
sri lakshmi narasimha swamy temple

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How To Reach Yadadri Temple यादगिरिगुट्टा मंदिर कैसे पहुंचे?

यादगिरी गुट्टा हैदराबाद शहर से सिर्फ 60 किमी दूर है और रेल और सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यादाद्री मंदिर का निकटतम रेलवे स्टेशन रायगिरी रेलवे स्टेशन है। वह सिर्फ 3 किमी दूर स्थित है। वह सड़क मार्ग से पहुंच ने में सिर्फ 15 मिनट का समय लगता है। रायगिरी रेलवे स्टेशन तक जाने के पश्यात कैब या ऑटो-रिक्शा से जा सकते है। उसके साथ टीएसआरटीसी की बसें भी यादगिरी बस डिपो से आती-जाती रहती हैं। उसके अलावा पर्यटक पैदल भी पहुंच सकते है।

Yadagiri Gutta Images
Yadagiri Gutta Images

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Sri Lakshmi Narasimha Swamy Temple Map यादाद्री मंदिर का लोकेशन

Yadadri Temple In Hindi Video

Interesting Facts

  • यादगिरिगुट्टा मंदिर में आने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।
  • यह मंदिर में रोजाना 5000 से 8000 तीर्थयात्री दौरा करते हैं।
  • मुख्य मंदिर में 12 अलवरों के स्तंभ मंदिर की महत्वपूर्ण विशेषता है।
  • मंदिर में लक्ष्मी नरसिंह की चांदी की मूर्तियाँ तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती हैं।
  • लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर तेलंगाना का एक और प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। 
  • यदाद्री भुवनागिरि जिले के यादगिरीगुत्ता में एक पहाड़ी पर स्थित है।
  • 1800 करोड़ में तेलंगाना के यदाद्री मंदिर का पुनर्निर्माण होने वाला है।
  • उसमे मंदिर को तक़रीबन 1753 टन चांदी से दीवारें मढ़ने की योजना बताई जाती है। 
  • स्कंद पुराण में यदाद्री मंदिर का उल्लेख देखने को मिलता है।
  • यहां भगवान नृसिंह तीन रूपों में विराजित है, उसके अलावा साथ में माता लक्ष्मी भी विराजित है। 
  • यदाद्री मंदिर ग्रेनाइट पत्थर से बनने वाला भारत का सबसे बड़ा मंदिर है। 
  • वर्तमान में 2.5 लाख टन ग्रेनाइट पत्थर से 500 मूर्तिकार मंदिर को भव्य रूप दे रहे है। 

FAQ

Q .यादगिरिगुट्टा मंदिर कहा है?

यदाद्री भुवनागिरि जिले के यादगिरीगुत्ता में एक पहाड़ी पर स्थित है।

Q .यादगिरिगुट्टा मंदिर के अंदर क्या है?

याददगिरिगुट्टा मंदिर में गुफा में पत्थर से जड़े पांच रूपों में भगवान नरसिंह हैं। 

Q .क्या यादगिरिगुट्टा मंदिर का निर्माण पूरा हो गया है?

यादगिरिगुट्टा मंदिर का निर्माण कार्य 2021 में पूरा किया है, वर्तमान में 2022 में नए मंदिर परिसर का उद्घाटन होने वाला है। 

Q .यादगिरिगुट्टा मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव

Q .यादगिरिगुट्टा क्यों प्रसिद्ध है?

यह मंदिर भगवान नरसिंह के निवास के लिए प्रसिद्ध है। 

Q .क्या यादाद्रि दर्शन के लिए खुला है?

हा 

Q .हैदराबाद से यादगिरिगुट्टा कैसे जा सकता हूं?

आप रेलवे, सड़क और हवाई मार्ग से हैदराबाद से यादगिरिगुट्टा जा सकते है। 

Conclusion

आपको मेरा लेख Yadadri Temple History In Hindi बहुत अच्छी तरह से समज आया होगा। 

लेख के जरिये Yadagirigutta Temple timings, Yadagirigutta Temple updates

और Yadagirigutta Temple Official website से सबंधीत सम्पूर्ण जानकारी दी है।

अगर आपको किसी जगह के बारे में जानना है। तो हमें कमेंट करके जरूर बता सकते है।

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Note

आपके पास Yadagirigutta new temple opening date की जानकारी हैं। या दी गयी जानकारी मैं कुछ गलत लगे तो तुरंत हमें कमेंट और ईमेल मैं लिख हमे बताए हम अपडेट करते रहेंगे धन्यवाद। 

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