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Tughlaqabad Fort History in Hindi | तुगलकाबाद किला का इतिहास और जानकारी

भारत की राजधानी दिल्ली शहर में स्थित Tughlaqabad Fort History in Hindi में आपका स्वागत है। तुगलकाबाद किला एक बर्बाद किला है। जिन्हें 13 21 में मुगल वंश के राजा उद्दीन तुगलक ने बनवाया था।

सुल्तान ने 1327 में यह किले को त्याग दिया था । किले की बनावट में तकरीबन 4 साल के जैसा समय लगा था। और 15 साल के बाद उन्हें छोड़ दिया गया इसका निर्माण एक रोचक इतिहास है। आज हमें इसकी विस्तृत माहिती देने वाले हैं। मुघल वास्तुकला में निर्मित Tughlaqabad Fort मुस्लिम सम्राट की एक अदभुत रचना है। वास्तुकला में बहुत अच्छे से बनाए किला दिल्ही शहर का सबसे अच्छा और बड़ा किला कहा जाता था। तो चलिए तुगलकाबाद किला की जानकारी बताते है। 

एक किवदंति के अनुसार ऐसा कहा जाता है, कि ग्यास – उद – दीन तुगलक को एक संत निजामुद्दीन औलिया ने श्रापने दिया। की तुगलकाबाद किला का किला वह पूर्ण निर्मणा नहीं कर पाएंगे। तुगलकाबाद गांव का इतिहास देखे तो तुगलकाबाद किले में बने टैंक, इमारत, टावर, मोहल्ले और मस्जिद उनकी अच्छी वास्तुकला का प्रचार-प्रसार करती है। तुगलकाबाद किले का निर्माण यह उद्देश्य किया गया । कि सम्राट तुगलक की रक्षा बहुत अच्छे से हो पाए। फोर्ट की दीवारों में ज्यादा मोती का प्रयोग किया गया जो भारत के किसी भी किले के निर्माण में  नहीं किया गया है। आज यह ऐतिहासिक किला एक खंडहर, ध्वस्त महल में तब्दील हो चुके हैं। जिसे आप बहुत ही आसानी से वर्तमान समय में देख सकते हैं।

Tughlaqabad Fort History in Hindi – 

स्थान दिल्ही शहर
किला तुगलकाबाद किला
अवस्था बर्बाद किला, खंडहर (kv Tughlakabad city)
निर्मणा समय 1321-1325
निर्माता गयास-उद-दीन-तुगलक द्वारा निर्मित
सामग्री ग्रेनाइट पत्थर और चूना
प्रकार किला मोर्चाबंदित और कवचित सेना मुख्यालय
नियंत्रक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, भारत सरकार

तुगलकाबाद किला का इतिहास –

Fort of Tughlaqabad का इतिहास देखें तो उनकी बनावट के समय निजामुद्दीन औलिया ने सम्राट को श्राप दिया था। की तुग़लकाबाद किले पर सिर्फ गुर्जर ही राज कर पाएंगे। क्योंकि राजा ने ऐसा फरमान जारी किया था। कि उस किले के निर्माण में शहर के सभी मजदूरों को लगा दिया जाए। इससे निजामुद्दीन औलिया के कुए का काम रुक गया था। जिसके चलते संत ने उन्हें श्राप दिया था। की यहां के लोग यहीं रहेंगे और यह केवल गुर्जर ही राज करेंगे। जिसका असर यह स्थान पर आज भी दिखाई देता है। क्योकि तुग़लकाबाद गांव किले में ही बसा हुआ दिखाई देता है।

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Architecture of Tughlaqabad Fort –

तुगलक साम्राज्य की वास्तु कला में बनाया किला तुगलकाबाद आज भी विशाल पत्थरों से बनी एक प्रसिद्ध निशानी है। Tuglakabad fort ऐतिहासिक धरोहर का निर्माण के साथ 10 से 15 मीटर ऊंचे घुमावदार दीवारों का भी निर्माण कराया गया था। यह शहर में पहले कुल 52 प्रवेश द्वार थे।  जिसमें से सिर्फ 13 ही आज बच्चे हुए दिखाई देते हैं। जो बचे है, वह बहुत सुंदर और मनमोहक लगते हैं। और साथ केवल 7 वर्षा जल टैंक बच्चे दिखाई देते हैं।

तुगलक साम्राज्य का तुग़लकाबाद किला (tughlaq fort)ग्रेनाइट से बना दो मंजिलों में बनाया गया है। जिन्हे तक़रीबन 6 किलोमीटर की स्थानीय जगह पर बना ऊंची दीवारें, महलों और गढ़ों के साथ प्रथम शासक राजा गियास-उद-दीन तुगलक और उनकी पत्नी और पुत्र का मकबरा भी यहीं स्थान पर ही बनाया गया है। यह शाही परिवार का निवास स्थान और सार्वजनिक हॉल दक्षिणी विभाग भी खड़ा है। उसके अलावा बाकी का सभी हिस्सा एक खंडहर की तरह परिवर्तन होकर ध्वस्त हो चुका है।

Tughlaqabad fort images
Tughlaqabad fort images

Tughlaqabad Fort Timings –

अगर आपको किसी जगह जाना है, तो उसका टाइमिंग या प्रवेश समय का पता होना चाहिए। इसलिए हम भी आपको तुग़लकाबाद किला पर्यटकों के लिए घूमने के लिए कब खुला और कब होता बंद होता है। उसके लिए हम तुग़लकाबाद किले की टाइमिंग की जानकारी देने वाले हैं। तो आपको बता देगी प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से शाम के 5:00 बजे तक किला पर यह कोट पर्यटकों के लिए खुला रहता है।  हमने दिए समय के अनुसार आप किसी भी समय जा सकते हैं। जहां आपको बहुत अच्छे से तीन-चार घंटे का समय मिलता है। जिनसे यह स्थान देखने के लिए आप बहुत अच्छा और बेहतरीन अनुभव मिल सकता है। किले को आप उसकी संपूर्ण जानकारी के साथ बहुत अच्छे से देख सकते हैं।

Delhi का Tughlaqabad Fort
Delhi का Tughlaqabad Fort

तुगलकाबाद किले घूमने जाने का सबसे अच्छा समय –

किसी शहर या स्थान को घूमने फिरने जाना हो तो उसका सबसे अच्छा समय आपको पता होना चाहिए। क्योंकि आप वहां घूमने फिरने और मजा लेने के लिए जाते हैं। अगर आपको कोई परेशान परेशानी का सामना करना पड़े ऐसा नहीं होना चाहिए। इसलिए आपको उसके विजिट करने का सबसे अच्छा समय पता होना चाहिए। अगर आपको दिल्ली में तुगलकाबाद किले की यात्रा करना है। और बहुत अच्छे स्थान मौसम में विजिट करना चाहते हैं। तो आपको नवंबर और मार्च महीने के बीच का समय में जाना चाहिए।

और वही समय ही सबसे अच्छा है। उस समय में किसी भी दिन आप जा सकते हैं उसके दौरान यहां का वातावरण बहुत ही अच्छा और मनमोहक हुआ करता है। उस समय के दौरान मौसम सुखद और तापमान की बात बताये तो अक्टूबर में 20 से 25 डिग्री के बीच रहता है। नवंबर में यह तापमान 15 से 20 डिग्री तक गिर जाता है। जिसके कारण किले में आप बहुत आसानी से घूम और फिर सकते हैं। और उनके नजदीकी पर्यटक स्थल की भी मुलाकात ले सकते हैं।

Tughlaqabad Fort Photos
Tughlaqabad Fort Photos

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तुगलकाबाद किले की यात्रा के लिए टिप्स –

  • दिल्ली शहर का तुगलकाबाद किला का रास्ता बहुत ही कठिन और काटो पत्थरों से भरा हुआ है।
  • जिसके चलते आपको वहा जाने के लिए आपको जूते मजबूत पहन कर जाना चाहिए।
  • यात्रा करने के लिए आपको आपके पास पानी और नाश्ते की व्यवस्था करनी चाहिए।
  • क्योंकि तुगलकाबाद किले में खाने-पीने की या होटल की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
  • आपको अगर आप गर्मियों के मौसम में तुगलकाबाद किले की मुलाकात कर रहे हैं।
  • तो साथ में सनग्लासेस, चश्मा और टोपी के साथ पीने का पानी की बोतल भी जरूर रखें।
  • बंदर ज्यादा होने के कारण आपको अपने सामान को बंदरों से बचाना चाहिए।
  • क्योंकि फूड देखकर बंदर बहुत ही उतावले हो जाते हैं और हमला भी कर सकते हैं।
  • अपने सामान जैसे कि कैमरा, बैग हो सभी को अपनी नजर समक्ष ही रखें।
  • क्योंकि यहाँ CCTV कैमरे नहीं लगे हुए है जैसे जिससे आप आपका सामान खोज सकें।
  • आपको बहुत अच्छे से ख्याल रखना चाहिए क्योंकि यहां किला एक बड़े क्षेत्र में फैला है।
  • वहा घुसपैठियों और चोरों का मिलना संभव है इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए।

Tughlaqabad Fort Entry Fee –

तुग़लकाबाद किले का प्रवेश शुल्क और एंट्री फीस की बात बताये। तो 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोई प्रवेश फीस नहीं रखी गई है। लेकिन युवा अवस्था के पर्यटक यात्रियों के लिए भारत यात्रियों के लिए प्रति व्यक्ति 20 रूपया और विदेशी यात्रियों के लिए प्रति व्यक्ति 200 रूपये का प्रवेशफ़ीस लिया जाता है। जिसका ख्याल सभी जाने वाले यात्रियों को रखना चाहिए।

Tughlaqabad fort pdf
Tughlaqabad fort pdf

घैसुद्दीन तुगलक की समाधी –

यह समाधि किले की दक्षिणी विभाग से पक्की सड़क से जोड़ी गई है। पक्की सड़क 600 से 700 फीट लंबी जिन्हें 20 शताब्दी में पक्की सड़क बनाके महरौली-बदरपुर रोड का नाम दिया गया है। यहां प्राचीन पीपल के वृक्ष के पास विशाल प्रवेश द्वार लाल पत्थरों से बनाया गया है। उनकी समाधि एक गुंबददार वर्ग समाधि में आकृति किया गया है। जिसे ढलान वाली दीवारों के आधार से रेस रेलिंग द्वारा ताज पहनाया है। उनका निर्माण ग्रेनाइट पत्थरों से हुआ है। और समाधि को लाल पत्थरों से बहुत ही आकर्षित बनाया है।

उसमे मार्बल का भी प्रयोग किया गया है। समाधि के अंदर तीन कमरे से जिसमें एक गयासुद्दीन दूसरी उनकी पत्नी और दूसरी उनके बेटे का मकबरा बना हुआ है। यह स्थान का निर्माण उनके उत्तराधिकारी मोहम्मद बिन तुगलक ने करवाया था। उत्तर पश्चिम भाग में पिल्लरो से जुड़े गलियारे से एक अष्टकोणीय कब्र है। जिन्हे छोटे मार्बल का उपयोग करके बनाया है। उसके साथ लाल पत्थर का स्लैब भी बनाया हुआ है। दरवाजे पर लिखे शिलालेख के मतानुसार दक्षिण दरवाजे पर बनी कब्र ज़फर खान की कहीं जाती है। जिन्हें सुंदर तरीकों से निर्माण करवाया गया है।

Tughlaqabad fort new delhi Images, Photo Gallery
Tughlaqabad fort new delhi Images, Photo Gallery

तुग़लकाबाद किले के तीन विभाग –

प्रथम विभाग मे आसन्न महल क्षेत्र में शाही परिवार के लोग रहा करते थे। टावर के नीचे का यह भाग आज भी सबको दिखाई देता है। दूसरा विभाग टावर के साथ बनाए गए गढ़ का मुख बिजाई-मंडल कहा जाता है। तीसरा विभाग विशाल शहरी विस्तार और घरों के साथ द्वार के मध्य में एक आयताकार ग्रिड के साथ किया गया है। वर्तमान समय में यह किला बिल्कुल ध्वस्त हो चुका है। 

घनी एव कांटेदार वनस्पतियों और वृक्षों से दुर्गम बन चुका है। शहर की नदी के आसपास आधुनिक लोग रहा करते हैं। तो दक्षिण में बना  विशाल कृतिम जलाशय और पक्की सड़क पर घैसुद्दीन तुगलक का मकबरा और मंदिर के दक्षिणी विस्तार से जुड़ी सड़क दिखाई देती है।  दक्षिण पूर्व भाग में आदिलाबाद का किला दिखाई देता हैं। जिसको राजा की मौत के पश्यात उनके बेटे और उत्तराधिकारी मोहम्मद तुगलक ने वर्ष 1325 से 1351 के समय में बनाया था। यह किले से जुड़ी महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक धरोहर सभी को आज भी दिखाई देती है।

Tughlaqabad fort
Tughlaqabad fort

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गयास-उद-दीन-तुगलक की मौत –

Tughlakabad fort delhi के निर्माण के समय एक संत ने उन्हें श्राप दिया था। लेकिन जब वह बंगाल के कुछ कामों के लिए व्यस्त थे। तब हुनुज़ दिल्लीदुरस्त नाम के एक संत ने फिर से श्राप दिया था। वह बंगाल से दिल्ली लौट आए थे। लेकिन उनके बेटे मोहम्मद बिन तुगलक उत्तर प्रदेश के कामों में व्यस्त थे। तब प्रिंस के आदेश के बाद शाश्वत पर शामियाने उन पर गिरा दिया और 1324 में उनकी मृत्यु हो गई थी। 

Hotels to stay in Delhi –

दिल्ली में रुकने के लिए नजदीकी होटल्स एंड गेस्ट हाउस की बात करे। तो दिल्ही शहर भारत की राजधानी और राज्य होने के कारन आपक्को यहाँ सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी। अगर आप किसी भी पर्यटक स्थान की मुलाकात के लिए यात्रा करते हैं। तो आपको वह रुकने और खाने पीने की व्यवस्था करना बहुत जरूरी होता है। जिसके चलते आपको किराए पर मिलने वाली होटलें और गेस्ट हाउस का पता होना जरूरी है। जिससे आपको रहने और खाने की जरूरत पूरी हो पाए। और आपको कहीं भटकना ना पड़े तो हम कुछ मुख्य और अच्छी होटलों के नाम नीचे लिखते हैं। जिनसे आपको बहुत अच्छा और सुव्यवस्थित कमरे मिलेंगे और खाने-पीने की भी व्यवस्था वहां से मिलेगी।

तुगलकाबाद किला का इतिहास और जानकारी
तुगलकाबाद किला का इतिहास और जानकारी
  • Clarks Inn Kailash Colony (क्लार्क्स इन कैलाश कॉलोनी)
  • Green Lotus Residency Dwarka (ग्रीन लोटस रेजिडेंसी द्वारका)
  • Tsampa Hotel (त्सम्पा होटल)
  • Suite Dream Palace (स्वीट ड्रीम पैलेस)
  • The Nest Luxury Homestay (नेस्ट लक्जरी होमस्टे)

तुगलकाबाद किला दिल्ली केसे पहुंचे –

कई लोग पूछते है की How to Reach Tughlaqabad Fort Delhi उनके लिए Tughlaqabad fort location बतादे। अगर आप तुग़लकाबाद किले की मुलाकात के लिए जाना चाहते हैं। तो आपको बता दे की तुग़लकाबाद किला महरौली बदरपुर के रोड पर एक फोर्ट है। वहा जाने के लिए आप सड़क मार्ग ट्रेन मार्ग यानी रेलवे और फ्लाइट से भी बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं ,दिल्ही से भारत देश के सभी राज्य और शहरों को बहुत अच्छे से जोड़ा गया है। जिससे आपको जाने के लिए कोई भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

तुगलकाबाद किला का इतिहास
तुगलकाबाद किला का इतिहास

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सड़क मार्ग से तुगलकाबाद किला कैसे पहुंचे –

को बता दे कि नई दिल्ली के तुगलकाबाद किले का मुख्य शहर में मेहरौली बदरपुर रोड पर तुग़लकाबाद किला मौजूद है और वहां जाने के लिए आप स्थानीय बस ऑटो टैक्सी या रिक्शा के सहारे बहुत ही आसानी से पहुंच सकते हैं मेट्रो स्टेशन गोविंदपुरी और साकेत मेट्रो स्टेशन दो विपरीत दिशाओं में मौजूद है आप यहां जाने के लिए टैक्सी कैब रिक्शा या अपना खुद का कोई भी प्राइवेट साधन ले जा सकते हैं

रेलवे मार्ग से तुगलकाबाद किला कैसे पहुंचे –

Tughlaqabad fort nearest metro – अगर आप दिल्ली शहर के Tughlakabad fort की मुलाकात कर रहे हैं। और आपको रेलवे मार्ग या नहीं ट्रेन से जाने का मार्ग पसंद किया है। तो आपको बता दें कि तुग़लकाबाद किला दिल्ली रेलवे स्टेशन से तकरीबन 25 किलोमीटर की दूरी पर उपस्थित है। और भारत के सभी राज्यों और मुख्य नगरों से बहुत ही अच्छे से जुड़ा हुआ। और ट्रेन भी समय-समय पर चलाई जाती है। वहां पहुंचने के लिए आपको बहुत ही अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। वहां उतर के आप बहुत ही आसानी से रिक्शा टैक्सी या कैब से आसानी से पहुंच सकते हैं।

तुगलकाबाद किला
तुगलकाबाद किला

हवाई मार्ग से तुगलकाबाद का किला कैसे पहुंचे –

आपको दिल्ली का तुग़लकाबाद किला देखना है। और आप जाना चाहते हैं तो फ्लाइट से भी जा सकते हैं। आपको बता दे की यह किला दिल्ली हवाई अड्डे से तकरीबन 20 किलोमीटर की दूरी पर उपस्थित है। वहां से आप स्थानीय बस रिक्शा या कैब की मदद से बहुत आसानी से पहुंच सकते हैं। दिल्ली का यह हवाई अड्डा पूरे देश और विदेशी एयरपोर्ट से बहुत ही अच्छे अच्छे से जुड़ा हुआ है। जहां से दिन भर में कई उड़ाने भरी जाती है। और आपको भी बहुत अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे आपको यात्रा के समय किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

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Tughlaqabad Fort Delhi Map – तुगलकाबाद किला का मेप

 

Tughlaqabad Fort History Video –

Interesting Facts – 

  • यह किले के प्रवेश द्वार पर भव्य सीढ़ियों का निर्माण सुल्तान के  हाथियों के लिए किया गया था।
  • क्योकि महल में प्रवेश के लिए साशक अपने हाथी के साथ प्रवेश करता था।
  • तुगलकाबाद किला निर्माण में 4 साल का समय व्यतीत हुआ था।
  • उद-दीन-तुगलक द्वारा निर्मित Tughlaqabad Kila दिल्ही का सबसे बड़ा किला कहा जाता था।
  • निजामुद्दीन औलिया नाम के एक सूफी संत ने तुगलकाबाद को शाप दिया था।
  • उस शाप के चलते किले का निर्माण कभी पूर्ण नहीं हुआ वह वर्तमान में भी अधुरा है।

FAQ –

Q : तुघलकाबाद शहर का निर्माण किसने किया?

Ans : तुगलक वंश के संस्थापक गयास-उद-दीन तुगलक ने तुघलकाबाद शहर का निर्माण करवाया था।

Q : तुगलकाबाद किला कहाँ स्थित है?

Ans : भारत की राजधानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से सिर्फ 25 किलोमीटर दूर दिल्ली में तुगलकाबाद किला स्थित है।

Q : तुगलकाबाद के संस्थापक कौन है ?

Ans : तुगलक वंश के संस्थापक और सम्राट गयास-उद-दीन तुगलक ने तुगलकाबाद किला को बनवाया था।

Q : किले के आसपास कोनसे प्रसिद्ध सूफी संत का संबंध है?

Ans : तुगलकाबाद किला सूफी संत निजामुद्दीन औलिया और सम्राट को किले के निर्माण को शाप दिया का संबंध था।

Q : तुगलकाबाद किले को क्यों छोड़ दिया गया?

Ans : किला बनाना शुरू हुआ, ढलान वाली दीवार और एक विशाल संरचना को बनाने में

चार साल लगे, लेकिन कभी आबाद नहीं हुआ पंद्रह साल के बाद ही उन्हें छोड़ दिया गया।

Q : मैं तुगलकाबाद किले में कैसे जा सकता हूँ? 

Ans : हमारी वेबसाइट https://historyofindia1.com को विजिट कर सकते है।

Q : तुगलकाबाद किला किसने बनवाया था?

गयास-उद-दीन तुगलक ने तुगलकाबाद किले को बनवाया था।

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Conclusion –

आपको मेरा Tughlaqabad Fort History in Hindi बहुत अच्छी तरह से समज आया होगा। 

लेख के जरिये Tughlaqabad fort architecture और Tughlaqabad fort plan से सबंधीत  सम्पूर्ण जानकारी दी है।

अगर आपको किसी जगह के बारे में जानना है। तो कहै मेंट करके जरूर बता सकते है।

हमारे आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शयेर जरूर करे। जय हिन्द।

Note –

आपके पास Tughlaqabad fort haunted, अभिश्रापित तुग़लकाबाद किले का इतिहास या Tughlaqabad fort for couples की कोई जानकारी हैं।

या दी गयी जानकारी मैं कुछ गलत लगे तो दिए गए सवालों के जवाब आपको पता है।

तो तुरंत हमें कमेंट और ईमेल मैं लिखे हम इसे अपडेट करते रहेंगे धन्यवाद 

1 . क्या आप तुगलकाबाद किला हिस्ट्री जानते है ?

2 .गाजी मलिक किस नाम से गद्दी पर बैठा था ?

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