Lakshmana Temple History In Hindi Madhya Pradesh

Lakshmana Temple History In Hindi Madhya Pradesh | लक्ष्मण मंदिर खजुराहो

lakshmana temple भारत के मध्यप्रदेश के छत्तरपुर जिले में सुंदर और प्रसिद्ध आकर्षक पर्यटनस्थल खजुराहो में स्थित है। खजुराहो मंदिर भारत की आर्य स्थापत्य शैली और वास्तुकला का lakshmana temple plan उतकृष्ट नमूना है। अगर आप भी लक्ष्मण मंदिर के बारे में जानना चाहते है तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़िएगा।  ताकि आपको लक्ष्मण मंदिर खजुराहो की बनावट और इस मंदिर के इतिहास के बारे में जानकरी पा सके। 

मंदिर का नाम  लक्ष्मण मंदिर 
राज्य    मध्यप्रदेश
जिला छत्तरपुर
निर्माणकाल    930 से 950
निर्माणकर्ता  राजा यशोवर्मन
मंदिर की लंबाई और चौड़ाई   29 मीटर , चौड़ाई 13 मीटर
मंदिर के अधिष्ठान की लम्बाई     लम्बाई 98 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर

Table of Contents

Lakshmana Temple History In Hindi – 

लक्ष्मण मंदिर भारत के मध्यप्रदेश के छत्तरपुर जिले के प्राचीन खजुराहो के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में स्थित है।  lakshmana temple khajuraho से मिला हुवा एक अभिलेख से पता चलता है की चंदेल वंश के 7वी पीढ़ी में हुए यशोवर्मन ने उनके अवसान से पहले खजुराहो में वैकुंठ विष्णु का मंदिर का निर्माण करवाया था इससे यह मालूम होता है की लक्ष्मण मंदिर करीबन 930 से 950 के मध्य में इसका निर्माण करवाया था। खजुराहो पर्यटन स्थल अलंकृत मंदिरो के कारण पहचाना जाता है। यह मंदिर भारत के सर्वोत्कृष्ठ मध्यकालीन स्थापत्य शैली के इमारते है।

खजुराहो के मंदिर चंदेलवंश के शासक यह मंदिर की स्थापना ई.स 900 से 1330 के बिच के समय के प्राचीन माने जाते है। khajuraho lakshmana temple के निर्माता राजा यशोवर्मन का अवसान 954 में हुवा था। इस मंदिर की शिल्प और वास्तुकला की विलक्षणताओ से यह यह मालूम होता है की यह मंदिर वैकुंठ विष्णु भगवान को समर्पित है परंतु इस मंदिर का नामकरण मंदिर के निर्माता यशोवर्मन के उपनाम लक्षवर्मा के नाम से आधार पर इस मंदिर का नाम लक्ष्मण मंदिर रखा गया।

Lakshmana Temple History In Hindi
Lakshmana Temple History In Hindi

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Lakshmana Temple की वास्तुकला – 

लक्ष्मण मंदिर की लम्बाई 29मीटर और चौड़ाई 13मीटर है. lakshmana templearchitecture और वास्तुकला की वजह से यह लक्ष्मण मंदिर को बलुआ पत्थर से बनवाया गया वास्तुकला का उत्तम नमूना है। यह मंदिर ऊँचे स्थान पर मौजूद है। lakshmana temple khajuraho के गर्भगृह में स्थपित भगवान विष्णु की प्रतिमा 1.3 मीटर ऊँची है यह प्रतिमा सुन्दर अलंकृत तोरण के मध्य में स्थापित है। मंदिर ऊँचे स्थान पर स्थित होने के कारण मंदिर में विकसित सभी हिस्से देखे जा सकते है।

लक्ष्मण मंदिर के अर्धमंडप ,मंडप ,अंतराल और गर्भगृह ,मंदिर की बाहरी दीवारों पर बनि मूर्तियों पर दो पंक्तिया जिसमे देवी-देवता गण ,युग्म ,मिथुन आदि इस मंदिर में देख सकते है। लक्ष्मण मंदिर के बाहरी हिस्से की दीवारों पर सुंदर प्रतिमाये और चबूतरे पर बने युद्ध ,शिकार ,हाथी ,घोड़ो ,सैनिक ,अप्सराओ ,मिथुनाकृतियों के सुन्दर प्रतिमाओ का सुंदर दृश्य देख सकते है। मंदिर के मध्य हिस्से में लक्ष्मी की प्रतिमा है जिसके दोनों तरफ ब्रम्हा और विष्णु की प्रतिमाये है। 

यह akshmana temple material बलुआ पथ्थर से करवाया गया है इस मंदिर में भव्य ,मनोहारी और पूर्ण विकसित स्थापत्य शैली के मदिरो में प्राचीनतम मंदिर है।लक्ष्मण मंदिर के अधिष्ठान की लम्बाई 98 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर है जिसके चारो कोनो पर चार खुंटरा मंदिर बनवाये गए है। लक्ष्मण मंदिर के ठीक सामने भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ का एक मंदिर का निर्माण करवाया गया था लेकिन वर्तमान समय में गरुड़ की मूर्ति लुप्त हो गई है इस मंदिर को वर्तमान समय में लोग देवी मंदिर से पहचानते है। 

Lakshmana Temple में गुप्त शैली का प्रभाव

lakshmana temple in khajuraho की प्रतिमाओ की तरंगाइक की शोभा गुप्त स्थापत्य शैली से प्रभावित है। मंदिर के खंभो पर बेलबूटों का सुन्दर और आकर्षक दृश्य दिखता है। मंदिर के मकरतोरणो पर योद्धाओ को बड़ी कुशलता पूर्वक अलंकृत किया है। खजुराहो का लक्ष्मण मंदिर अन्य मंदिर से अलग देव प्रसाद की कुछ दिग्पाल की मुर्तिया द्विभुजी हैं और गर्भगृह के ध्वार सुन्दर और आकर्षित कमलपत्रो से अलंकृत है। लक्ष्मण मंदिर के प्रवेश ध्वार के सिरदल के एक दूसरे के ऊपर दो स्थूल सज्जापटिया अलंकृत है। 

मंदिर की सज्जापटी के मध्यभाग में लक्ष्मी की मूर्ति दोनों सिरों के ब्रम्हा और विष्णु ,शिव की प्रतिमा अलंकृत है। इसके अलावा राहु की बड़ी-बड़ी प्रतिमाये अलंकृत की गई है। मंदिर के ध्वार के शाखाओ पर भगवान विष्णु के अनेक अवतारों का प्रतिमाओं से वर्णन किया गया है। और मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की त्रिमूर्ति स्थापित है। lakshmana temple at khajuraho के जंघा में दूसरे मंदिरो की तरह एक -दूसरे के समान्तर प्रतिमाये दिखती है। इसमें देवी-देवताये ,शार्दुल और सुर-सुंदरी की सुन्दर और आकर्षक प्रतिमाये अलंकृत की गई है।

मंदिर में 600 से ज्यादा हिन्दू देवी-देवताओ की प्रतिमाये है। khajuraho-lakshmana temple के प्रत्येक बॉर्डर पर सुंदर प्रतिमाये है। मंदिर की कुशल और स्थापत्य शैली मंदिर में रखी है। लक्ष्मण मंदिर में श्रमिकों की कुशल और सुंदर शिल्पकला मंदिर में नक्काशी है। मंदिर में अनेक मुद्राओ और गहनों से सजाई हुई स्त्रियों की प्रतिमाये है। स्त्रियों की इस तरह की सजावटी प्रतीमाये लक्ष्मण मंदिर के पश्चिमी हिस्से में स्थित है। 

Lakshmana Temple की विशेषताएँ

  • मंदिर वास्तुकला की दृस्टि से खजुराहो के प्रसिद्ध प्रतिकृष्ठ मंदिरो में सर्वोत्कृस्ट है।
  • लक्ष्मण मंदिर के अर्धमंडप ,मंडप और महामंडप की ऊपर की छते स्तूपाकार है।
  • जिसमे शिखरों की कमी देखने को मिलती है। लक्ष्मण मंदिर की छतो की विशेषताये सबसे भिन्न है। 
  • मंदिर के मंडप और महामंडप की छतो के पीढ़े खपरो की छाजन के समान है। 
  • लक्ष्मण मंदिर की छत के पीढ़ो के सिरों पर अलंकरण अंजलिबद्ध नागो की लघु प्रतिमाये को अलंकृत किया गया है। 
  • मंदिर की छत पर लटकाई गई पत्रावली के साथ कलश का किरीट की सुंदर नक्काशी की गई है। 
  • लक्ष्मण मंदिर के मंडप और महामंडप की छते स्तूपाकार आकर जैसी दिखाई देती है। 
  • मंदिर के महामंडप में स्तंभों पर अलंवन बाहुओं के रूप में अप्सराये
  • शिल्प कला की सुन्दर और आकर्षित प्रतिमाये दिखाई देती है। 

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Lakshmana Temple के नजदीकी पर्यटन स्थल

  • चित्रगुप्त मंदिर :

Khajuraho Temple में सूर्यदेव को समर्पित चित्रगुप्त मंदिर एक बहुत पुराना मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण 11वीं में करवाया गया था। इस मंदिर में सात घोड़ों वाले रथ पर खड़े सूर्यदेव की मूर्ति बेहद आकर्षक है। इस मंदिर की दीवार पर बहुत ही सुंदर और बारीक नक्काशी की गई है। इस मंदिर में भगवान् विष्णु का ग्यारह सर वाला रूप और कामुक प्रेम दर्शाते प्रेमी जोड़े बेहद आकर्षक हैं। इस मंदिर की बाहर की दीवारों पर भी देवी-देवताओं, स्त्रियों और बहुत सारी पत्थर की नक्काशी बनी हुई है।

  • नंदी मंदिर :

आर्कषित और मनमोहक कलाकृतियों के लिए प्रसिद्ध खजुराहो का यह प्रसिद्ध मंदिर शिव वाहक नंदी को समर्पित है।

जिसकी लंबाई कुल 2.20 मीटर है, और इसमें 12 खंभे बने हुए हैं।

यह प्रसिद्ध मंदिर विश्वनाथ मंदिर के आकृति के सामान है।

Lakshmana Temple History
Lakshmana Temple History
  • पार्वती मंदिर :

वर्ल्ड हेरिटेज साईट में शामिल खजुराहो के मंदिर के अंदर माता पार्वती को समर्पित खूबसूरत मंदिर है। 

इस मंदिर में देवी गंगा भी विराजमान है।

  • सूर्य मंदिर :

अपनी विशेष कलाकृति के लिए मशहूर इस प्रसिद्द खजुराहो के मंदिर के अंदर भगवान सूर्य को समर्पित चित्रगुप्त का मंदिर बना हुआ है, जिसमें भगवान सूर्य की एक बेहद आर्कषक करीब 7 फीट ऊंची मूर्ती रखी गई है, जो कि 7 घोड़े वाले रथ को चलाती हुई प्रतीत होती है।

  • विश्वनाथ मंदिर :

मध्यप्रदेश राज्य के छतरपुर के पास स्थित भारत के इस प्रसिद्ध और भव्य मंदिर के अंदर भगवान शंकर जी को समर्पित विश्वनाथ जी का मंदिर बना हुआ है, जो कि यहां बने सर्वश्रेष्ठ मंदिरों में से एक हैं।

  • कंदरिया महादेव मंदिर :

कंदरिया महादेव मंदिर खजुराहो का सबसे विशाल मंदिर है। यह मूलतः शिव मंदिर है जिसका निर्माण में 999 सन् ई. में हुआ था. इस मंदिर का नाम कंदरिया भगवन शिव के एक नाम कंदर्पी से हुआ है। कंदर्पी से कंडर्पी शब्द बना है जो बाद में कालांतर में कंदरिया में बदल गया।

  • चतुर्भुज मंदिर :

खजुराहो में स्थित चतुर्भुज मंदिर के दक्षिणी ग्रुप में आता है। इस मंदिर निर्माण 1100 ई. में किया गया था। यह मंदिर एक चैकोर मंच पर स्थित है। यहाँ पर आपको जाने के लिए दस सीढि़याँ चढ़नी पड़ती है। इस मंदिर के प्रवेशद्वार में भगवान् ब्रह्मा, विष्णु और महेश के चित्रों की नक्काशी दिखाई देती है। इस मंदिर की सबसे खास चीज़ भगवान विष्णु की चार भुजा वाली 9 फीट ऊँची मूर्ति है। इस मंदिर में नरसिंह भगवान और शिव के अर्धनारीश्वर की मूर्ति भी है।

  • जगदम्बा मंदिर

देवी जगदंबिका मंदिर या जगदंबिका मंदिर, खजुराहो, मध्य प्रदेश में लगभग 25 मंदिरों के समूह में से एक है। खजुराहो एक विश्व धरोहर स्थल है। देवी जगदंबिका मंदिर, उत्तर में एक समूह में, जो कई कामुक नक्काशी के साथ खजुराहो में सबसे अधिक सजाए गए मंदिरों में से एक है। नक्काशी के तीन बैंड मंदिर के शरीर को घेरते हैं। गर्भगृह में देवी की एक विशाल प्रतिमा है।

  • चौंसठ योगिनी मंदिर

Khajuraho Temple यह मंदिर 64 योगिनियों को समर्पित सबसे प्राचीन मंदिर है। जिसका निर्माण ग्रेनाइट के सुंदर पत्थरों से किया गया है।

Lakshmana Temple
Lakshmana Temple History
  • मतंगेश्वर मंदिर

मंतगेश्वर मंदिर, खजुराहों का सबसे प्राचीन मंदिर है, जिसका निर्माण राजा हर्षवर्मन द्धारा करीब 920 ईसवी में करवाया गया था, इसके बाद इस मंदिर में 2.5 मीटर का शिवलिंग भी मौजूद है, जहां अभी भी पूजा-अर्चना की जाती है। इस मंदिरों के अलावा यहां वराह एवं लक्ष्मी का मंदिर भी बना हुआ है। वहीं पूर्वी समूह के मंदिरों में वामन, विष्णु के वामन अवतार को समर्पित वामन, जैन, जावरी मंदिर स्थित हैं, जबकि दक्षिण समूह के मंदिरों में चतुर्भुज, दूल्हादेव आदि प्रसिद्ध हैं। इसके साथ ही यहां लाइट एवं साउंड शो भी होता है।

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  • महाराजा छत्रसाल संग्रहालय

महाराजा छत्रसाल संग्रहालय मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले में मौजूद है।

और महाराजा छत्रसाल संग्रहालय वर्तमान समय में 8 गैलेरिया बनाई गई है।

छत्रसाल संग्रहालय बुन्देल महाराजाओके सबंधित चित्र , उनके वस्त्र , उनके हथियार उनमे रखे गए है। 

छत्तरपुर जिले में घूमने आनेवाले पर्यटक महाराजा छत्रसाल संग्रहालय को देखने के लिए अवश्य जाते है।

महाराजा छत्रसाल संग्रहालय में जैन धर्म से जुड़े कई सारे चित्र बहोत सुन्दर रूप से चित्रित किया गया है। 

  • गंगऊ बांध :

गंगऊ बांध खजुराहो प्राचीन मंदिर के नजदीकी क्षेत्र में और छत्तरपुर जिले से करीबन 18 किमी की दुरी पर स्थित है।गंगऊ बांध सिमरी नदी और केन नदी के संगम पर बनाया गया है। गंगऊ बांध के स्थान पर शानदार और सुन्दर और यादगार पिकनिक मनाने ने के लिए दूर दूर से यह स्थान पर आते रहते है। इस बांध के अंदर दिलचस्प नौका विहार का आनंद लेने के लिए यह स्थान पर आते है। 

  • पांडव जलप्रपात और गुफाएं पन्ना :

पांडव जलप्रपात और गुफाएं पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के अंदर मौजूद एक आकर्षक जगह है।

ऐसा माना जाता है की पांडवो ने निर्वासन के समय दौरान यह जगह पर शरण ली थी।

यह स्थान पर पांडव जलप्रपात और गुफाओ के मुख्य आकर्षण स्थलों में से एक है। 

यह स्थान पर बेहद खूबसूरत झरने , ज्यादा गहरी झील और हरेभरे प्राकृतिक वातावरण का सुन्दर दृश्य नजर आता है। 

  • महामति प्राणनाथजी मंदिर :

छत्तरपुर के पर्यटन स्थलों में मौजूद पन्ना में महामति प्राणनाथजी मंदिर एक सुन्दर और आकर्षित जगह है।

यह प्राचीन स्थान पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है। 

महामति प्राणनाथजी मंदिर का निर्माण ई.स 1692 में करवाया था।

महामति प्राणनाथजी मंदिर की बनावट हिन्दू और मुस्लिम स्थापत्य शैली का उदहारण देता है। 

लक्ष्मण मंदिर खजुराहो
लक्ष्मण मंदिर खजुराहो

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खजुराहो जाने का सबसे अच्छा समय

moozhikulam lakshmana temple timings वैसे तो आप यहां किसी भी मौसम में जा सकते हैं, शहर में मानसून का समय खजुराहो जाने के लिए एक सुखद मौसम होता है। इस मौसम में कुछ दिनों तक मध्यम बारिश होती है। लेकिन अगर आप यहां घुमने का पूरा मजा लेना चाहते हैं तो आपके लिए सर्दियों का मौसम सबसे अच्छा रहेगा। अक्टूबर से फरवरी के महीने दुनिया भर के लोगों की भीड़ के साथ खजुराहो घूमने का सबसे अच्छा समय है। हर साल फरवरी में आयोजित खजुराहो नृत्य महोत्सव आपकी खजुराहो यात्रा की योजना बनाने का सबसे अच्छा समय है।

खजुराहो Lakshmana Temple कैसे पहुंचे – 

एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल होने के नाते, खजुराहो तक पहुंचना काफी आसान है।

खजुराहो का अपना घरेलू हवाई अड्डा है।

जिसे खजुराहो हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन के रूप में जाना जाता है। 

जो इसे भारत के अन्य हिस्सों से जोड़ता है।

आइये जानते हैं विभिन्न माध्यम से खजुराहो कैसे पंहुचा जा सकता है।

  • खजुराहो Lakshmana Temple हवाई जहाज द्वारा :

दिल्ली से खजुराहो कैसे पहुंचे यह एक बहुत ही सामान्य प्रश्न है।

यात्रियों को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि खजुराहो हवाई अड्डा, जिसे सिविल एरोड्रम खजुराहो भी कहा जाता है।

शहर के केंद्र से केवल छह किमी दूर है। दिल्ली से खजुराहो के लिए कम उड़ानें हैं। 

क्योंकि यह छोटा घरेलू हवाई अड्डा भारत के कई शहरों से जुड़ा नहीं है। 

इसमें दिल्ली और वाराणसी से नियमित उड़ानें हैं।

हवाई अड्डे के बाहर खजुराहो के लिए टैक्सी और ऑटो आसानी से उपलब्ध हैं।

इसके अलावा आप मुंबई, भोपाल और वाराणसी से भी यहां पहुंच सकते हैं।

  • खजुराहो Lakshmana Temple ट्रेन द्वारा :

Khajuraho Temple का प्रसिद्ध मंदिर मध्यप्रदेश के छतरपुर में है। खजुराहो का अपना रेलवे स्टेशन है, हालाँकि खजुराहो रेलवे स्टेशन भारत के कई शहरों से जुड़ा नहीं है। खजुराहो-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस नामक खजुराहो के लिए नई दिल्ली से एक नियमित ट्रेन है, जो खजुराहो पहुंचने के लिए लगभग 10 से 11 घंटे का समय लेती है।

  • खजुराहो लक्ष्मण मंदिर सड़क मार्ग द्वारा :

Khajuraho Temple में मध्य प्रदेश के अन्य शहरों के साथ अच्छा सड़क संपर्क है। मध्य प्रदेश के आसपास और सतना (116 किमी), महोबा (70 किमी), झांसी (230 किमी), ग्वालियर (280 किमी), भोपाल (375 किमी) और इंदौर (565 किमी) जैसे शहरों से एमपी पर्यटन की कई सीधी बसें उपलब्ध हैं। एनएच 75 खजुराहो को इन सभी प्रमुख स्थलों से जोड़ता है। अगर आप रोड से खजुराहो जाना चाहते हैं तो, यह बिल्कुल भी समस्या वाला नहीं है क्योंकि खजुराहो तक पहुंचना काफी आसान है।

Lakshmana Temple Madhya Pradesh Map –

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Lakshmana Temple Video –

लक्ष्मण मंदिर के प्रश्न – 

1 . लक्ष्मण मंदिर कहा स्थित है ?

लक्ष्मण मंदिर भारत के मध्यप्रदेश के छत्तरपुर जिले के प्राचीन खजुराहो के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में स्थित है। 

2 . लक्ष्मण मंदिर का निर्माण किसने और कब करवाया था ?

एक अभिलेख से पता चलता है की चंदेल वंश के 7वी पीढ़ी में हुए यशोवर्मन ने उनके अवसान से पहले खजुराहो में वैकुंठ विष्णु का मंदिर का निर्माण करवाया था। लक्ष्मण मंदिर करीबन 930 से 950 के मध्य में इसका निर्माण करवाया था। 

3 . लक्ष्मण मंदिर का नाम कैसे रखा गया था ?

मंदिर की शिल्प और वास्तुकला की विलक्षणताओ से यह मालूम होता है।

की यह मंदिर वैकुंठ विष्णु भगवान को समर्पित है।

लेकिन मंदिर का नामकरण मंदिर के निर्माता यशोवर्मन के उपनाम लक्षवर्मा के नाम से लक्ष्मण मंदिर रखा है।  

4 . लक्ष्मण मंदिर की लंबाई और चौड़ाई कितनी है ?

लक्ष्मण मंदिर की लम्बाई 29 मीटर और चौड़ाई 13 मीटर है। 

5 . लक्ष्मण मंदिर का निर्माण किससे करवाया गया था ?

लक्ष्मण मंदिर को बलुआ पत्थर से बनवाया गया। 

6 . लक्ष्मण मंदिर के अधिष्ठान की लम्बाई और चौडाई कितनी है ?

लक्ष्मण मंदिर के अधिष्ठान की लम्बाई 98 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर है।

जिसके चारो कोनो पर चार खुंटरा मंदिर बनवाये गए है। 

7 . लक्ष्मण मंदिर में कौनसी शैली का निर्माण देखने को मिलता है ?

लक्ष्मण मंदिर में गुप्तशैली का निर्माण देखने को मिलता है। 

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Conclusion –

दोस्तों उम्मीद करता हु आपको मेरा ये लेख lakshmana temple के बारे में पूरी तरह से समज आ गया होगा। इस लेख के द्वारा हमने lakshmana temple khajuraho के बारे में जानकारी दी अगर आपको इस तरह के अन्य ऐतिहासिक स्थल और प्राचीन स्मारकों की जानकरी पाना चाहते है तो आप हमें कमेंट करे। आपको हमारा यह आर्टिकल केसा लगा बताइयेगा और अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे। धन्यवाद।

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