Iskcon Temple History In Hindi Delhi

Iskcon Temple History In Hindi Delhi | इस्कॉन मंदिर का इतिहास और जानकारी

Iskcon Temple भारत की राजधानी दिल्ही में स्थित है। हिन्दू धर्म में प्रथम स्थान भगवान को दिया गया है हिन्दू धर्म में कई सारे देवी-देवताओंको माना जाता है हिन्दू धर्म में कृष्ण भगवान को पूजा जाता है। कृष्ण भगवान ने महाभारत में अर्जुन के सार्थी बनकर उनका साथ देकर अधर्मी का नाश किया था। दिल्ही में स्थित कृष्ण भगवान के मंदिर को इस्कॉन मंदिर  के नाम से भी पहचाना जाता है। 

कृष्ण भगवान ने जब भी धरती पर अवतार लिया है इसमें किसी न किसी लीला रची हुई है। इस कृष्ण लीला में कुछ न कुछ सिख छिपी होती है। भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाने से लेकर कालिया नाग के साथ युद्ध करने की सारि लीला में कई प्रकार की सिख छिपी होती है। अगर आप भी भगवान कृष्ण  के इस मंदिर के बारे में आप भी इस कृष्ण के iskcon temple delhi के बारे में जानना चाहते है तो हम  इस आर्टिकल के माध्यम से आपको इस्कॉन मंदिर की जानकारी बताएँगे अगर आप भी इस मंदिर के बारे में जानना चाहते है तो हमारे इस लेख को पूरा पढ़िएगा। 

मंदिर का नाम इस्कॉन मंदिर 
दूसरा नाम  राधा-कृष्णा मंदिर 
स्थान दिल्ही
मंदिर की ऊंचाई   90 फिट 
मंदिर का मुख्य त्योहार जन्मास्टमी 
मंदिर के मुख्य स्थल वैदिक संस्कृति संग्रहालय , वैदिक कला भवन , रामायण आर्ट गैलरी ,रोबोट शो

Table of Contents

Iskcon Temple History In Hindi –

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इस्कॉन मंदिर की जानकारी

iskcon temple delhi को दूसरे हरे रामा हरे कृष्णा के नाम से भी जाना जाता है। इस्कॉन मंदिर पूरी दुनिया में कई देश में निर्माणित है। जिसको अपना नाम द इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस  हुवा है। यह संस्था एक आध्यात्मिक है। जिसकी स्थापना 1966 में न्यूयॉर्क में अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपादने की थी। iskcon temple delhi location दिल्ही के पूर्व क्षेत्र में मौजूद है। इस्कॉन मंदिर को बाहर और अंदर दोनों तरफ से पथ्थरो से बनाया गया है मंदिर को काफी सुंदर नक्काशीदार पथ्थरो से निर्मित कराया गया है। 

कृष्ण के मंदिर पुरे विश्व में स्थित है इस्कॉन मंदिर का नाम अंग्रेजी भाषा के शब्दों को बनाकर रखा गया है इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कांशसनेस (इस्कॉन)। इस अध्यात्मिक और धार्मिक संस्थान की स्थापना भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपद ने 1966 में न्यूयॉर्क में स्थापना की थी। इस्कॉन मंदिर के तत्व है उनका आधार 5000 साल पहले किये गए भगवदगीता पर आधारित है इस्कॉन के जितने भी अन्य भक्त है वह श्रद्धालु कृष्ण को सबसे बड़ा भगवान के रूप में उनकी पूजा करते है। और इस्कॉन का अवतार भगवान कृष्ण के अवतार को मानते है और सभी श्रदालु भगवान कृष्ण को प्रमुख देवता के रूप में पहचाना जाता है।

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इस्कॉन मंदिर का इतिहास और स्थापना –

श्रद्धालु ने भक्ति का मार्ग स्वीकार करके भगवान श्री कृष्ण की भक्ति के लिए दिल्ही में भगवान कृष्ण के नाम से दिल्ही में इस्कॉन मंदिर की स्थापना करवाई गई है। इस्कॉन का सबंध गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय से है वैष्णव का अर्थ होता है भगवान विष्णु की पूजा – अर्चना और गौड़ का सबंध पश्चिम बंगाल के गौड़ प्रदेश से है इस स्थान से वैष्णव संप्रदाय का प्रारंभ हुवा था। इस्कॉन के मंदिर के संस्थापक प्रभुपद सारे भारत में भगवान कृष्ण के मंदिर का निर्माण करवाना चाहते है। इसकी वजह से दिल्ही स्थित इस्कॉन मंदिर को दूसरे श्री राधा पार्थसारथी मंदिर है। 

मंदिर की स्थापना ई.1995 में की गई थी ताकि श्रदालुओको भगवान से जुड़ने का रास्ता मिल सके। प्रभुपद ने ऐसा कहा था की सारे मंदिर आध्यात्मिक हॉस्पिटल है जिसमे मरीज को ठीक करने के लिए मरीज को हॉस्पिटल में जाना पड़ता है उसी तरह भक्त को भगवान के दर्शन करने के लिए मंदिर जाना ही पड़ता है। भक्त भगवान के मंदिर में जाकर भजन ,कीर्तन करने चाहिए जिससे भक्त के विचार अच्छे बने और भक्त का सबंध भगवान के साथ गाढ़ बनता है और भक्त भगवान की भक्ति में लीन हो जाता है। 

iskcon temple की वास्तुकला –

iskcon delhi में स्थित इस्कॉन मंदिर दक्षिण क्षेत्र में स्थित है इस दिल्ही में स्थित इस्कॉन मंदिर में भगवान कृष्ण मंदिर के अतिरिक्त तीन मंदिर स्थित है और वह करीबन 90 फीट ऊँचे दिखाई देते है। इस्कॉन मंदिर में तीन मंदिर में राधा-कृष्ण, सीता-राम और गौरा-निताई के मंदिर स्थित है। मंदिर को बाहर के परिसर में बड़ी सुंदरता से निर्माण करवाया गया है। iskcon new delhi में भगवान कृष्ण के जीवन की लीलाये और घटनाओ को बड़ी सुन्दर और आकर्षित तरीके से दर्शाया गया है। मंदिर के परिसर में भिन्न-भिन्न चित्र निर्माणित किये गए है।

मंदिर की परिक्रमा परिसर में भगवान कृष्ण  राधा की प्रतिमाये स्थित है। इस मंदिर के परिसर में फ़क्त एक ही सबसे बड़ा मंदिर स्थित है  मंदिर में भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए देश और विदेश से इस्कॉन मंदिर में भक्त वेदो का ज्ञान प्राप्त करने के लिए आते है। इस्कॉन मंदिर में कृष्ण भगवान की प्रतिमाको बड़ी खूबसूरत तरीके से सगया जाया गया है कृष्ण भगवान की प्रतिमाको बहोत अच्छे वस्त्र ,आभूषण और अलंकार से शुशोभित किया है।

इस्कॉन मंदिर के अंदर –

दिल्ही के इस इस्कॉन मंदिर में हमेशा हरे रामा हरे कृष्णा का नाम गूंजता रहता है मंदिर में श्रद्धालुओके लिए तत्संग और रामायण का आयोजन का कार्य किया जाता है। मंदिर की शोभा बढ़ाने में सहायता करता हुवा नक्काशीदार कार्य पर्यटकोको आकर्षित करता है। भक्तो को कुछ चीजे खरीदने के लिए मंदिर में कई स्थान पर दुकाने भी बनवाई गई है। मंदिर के अंदर प्रवेश करते समय सबसे प्रथम आपको एक बड़ा और सुन्दर फवारा दिखाई देगा और मंदिर के भिन्न-भिन्न स्थानों पर कई देवताओंकी प्रतिमाये दिखाई देगी। दिल्ही के यह eskon मंदिर में एक बड़ा संग्रहालय भी स्थित है जिसमे रामायण और महाभारत के ग्रंथ का प्रदर्शन किया गया है। मंदिर में हर रविवार के दिन कृष्ण भगवान की विशेष पूजा की जाती है। इस पूजा के समय दौरान भगवान के भक्त प्रार्थना करते है और अपनी मनोकामना पूर्ण होने की पूजा करते है। 

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इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का त्यौहार –

राधे कृष्ण मंदिर के मुख्य रूप से पूजे जाने वाले भगवान कृष्ण है इसलिए इस मंदिर में उनका जन्म यानि की iskcon janmashtami  के दिन बड़े उत्साह के साथ भक्त जन्मास्टमी का त्यौहार मनाते है। मंदिर में हर साल करीबन 8 लाख भक्त कृष्ण भगवान के दर्शन केलिए आते है।  मन की प्रार्थना भगवान के सामने रखते है। जन्मास्टमी का त्यौहार timings of iskcon temple delhi सुबह 4:30 से प्रारंभ होता है।

देर रात तक भक्त इस उत्सव को मनाते है। जन्मास्टमी के दिन भगवान कृष्ण की शोभायात्रा निकाली जाती है भक्त कृष्ण भगवान की विशेष पूजा करवाते है और अन्य कई सांस्कृतिक कार्यक्रमोंका आयोजन किया जाता है इसके अलावा जन्मास्टमी के दिन कृष्ण भगवान की प्रतिमा को विशेष श्रृंगार किया जाता है। 

इस्कॉन मंदिर में देखने लायक स्थल –

वैदिक संस्कृति का संग्रहालय :

इस्कॉन मंदिर में एक संग्रहालय है जिसमे वैदिक संस्कृति के बारे में बहुत जानकारी दी गई है।

वैदिक संस्कृति संग्रहालय मेंसारे देवी और देवता की पीतल से निर्मित प्रतिमाये स्थापित है।

भक्तो कोविडियो देखने के लिए भी व्यवस्था की गई है। 

वैदिक कला को प्रदर्शित करनेवाला भवन :

यह मंदिर में एक बड़ा और सुन्दर भवन स्थित है इस भवन में देश  और विदेश से पर्यटक आते है और हिन्दू धर्म पर आधारित कार्यक्रम करके भारतीय कला को प्रदर्शित करते है। 

रामायण आर्ट गैलरी :

मंदिर में यह स्थान यानि की रामायण आर्ट गैलरी में रामायण के सभी महत्वपूर्ण लीलाये

और घटनाओंकी जानकारी दर्शाता है इस घटाओको मल्टीमीडिया में दिखाने का प्रयास किया गया है 

Iskcon Temple
Iskcon Temple

भगवद्गीता अनिमत्रोनिक्स रोबोट शो :

मंदिर का यह शो देखने के लिए भक्तो की बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो जाती है क्योकि इस शो में कुछ विशेष देखने को मिलता है इस शो में भगवदगीता में कृष्ण ध्वारा दिया गया सार का दृश्य से दिखाया जाता है। इस शो की खास बात यह है की इसमें जो रोबोट दिखाया जाता है वह रोबोट मिट्टी से बनाया गया है। इस मंदिर में भगवान कृष्ण के कुछ न कुछ कार्यक्रम होते ही रहते है।

कुछ समय पर भक्तो के लिए भजन- कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इस इस्कॉन मंदिर में भगवान कृष्ण का जन्मदिन बड़े ही धूम धाम से उनका उत्सव मनाया जाता है जन्मास्टमी के दिन मंदिर में बहुत सारे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और उस समय दौरान भक्तो की बड़ी भारी संख्या में उमड़ आती है। 

Iskcon Temple घूमने जाने का सबसे अच्छा समय –

आप दिल्ही में इस्कॉन मंदिर की यात्रा करना चाहते है तो आपको बता दे की दिल्ही में iskcon temple timings अक्टूबर से मार्च का समय बहोत अच्छा रहता है। दिल्ही में गर्मियों के समय में बहोत अधिक पर्यटकों परेशानी होती है इसलिए पर्यटकों को गर्मी के मौसम में दिल्ही की यात्रा करना बहोत कठिन होता है। इसलिए आप थोड़ा बारिश के मौसम में यानि शर्दियो के मौसम में दिल्ही की यात्रा कर सकते है। और दिल्ही के अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा करना चाहते  है तो आप शर्दियो के मौसम में जाना चाहिए।

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इस्कॉन मंदिर के नजदीकी पर्यटन स्थल –

  1. हुमायु का मकबरा
  2. लॉटस टैम्पल
  3. क़ुतुब मीनार दिल्ही
  4. राट्रीय स्मारक इंडिया गेट
  5. इस्कॉन मंदिर
  6. दिल्ही का लाल किला
  7. जंतर मंतर दिल्ही
  8. सिकंदर लोदी का मकबरा 
इस्कॉन मंदिर का इतिहास
इस्कॉन मंदिर का इतिहास

Iskcon Temple दिल्ली कैसे पहुँचे –

अगर आप इस्कॉन मंदिर की यात्रा करने के लिए आप हवाई मार्ग , ट्रेन मार्ग

और सड़क मार्ग से आप इस इस्कॉन मंदिर की यात्रा कर सकते है। 

इस्कॉन मंदिर हवाई मार्ग से कैसे पहुंचे :

हवाई मार्ग से जाने के लिए दिल्ही में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा शहर के पश्चिम क्षेत्र में स्थित है।

यह हवाई अड्डा दुनियाके बड़े हवाई अड्डों में से एक है। इंदिरा हवाई अड्डे में तीन ऑपरेशन टर्मिनल है।

टर्मिनल 1 C / 1 D यह टर्मिनल गरेलु टर्मिनल है जिसका उपयोग इंडिगो ,स्पाइसजेट और गोएयर का इस्तेमाल किया जाता है। टर्मिनल 3  ध्वारा आंतरराट्रीय उड़ानों और घरेलु प्राइवेट और एयर इंडिया और टर्मिनल 2 के इस्तेमाल से किये जाने वाले टर्मिनल 3 के दौरान किया जाता है।

हवाई अड्डे से प्रमुख शहर की यात्रा करने के लिए पर्यटक टर्मिनल 3 से दौड़ने वाली दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस  इस्तेमाल कर सकते है। हवाई अड्डे से आप टैक्सी या कैब के इस्तेमाल करके इस्कॉन मंदिर तक पहुँच सकते है। 

ट्रेन मार्ग से इस्कॉन मंदिर दिल्ही कैसे पहुंचे

  • iskcon temple तक जाने के लिए आपने इस्कॉन मंदिर metro station का चुनाव किया हैं।
  • तो हम आपको बता दें कि दिल्ली रेलवे जंक्शन पुरानी दिल्ली में स्थित हैं।
  • इसके अलावा हज़रत निज़ामुद्दीन और आनंद विहार रेलवे स्टेशन दिल्ली के अन्य रेलवे स्टेशन हैं।
  • आप इनमे से किसी भी स्टेशन का चुनाव कर सकते हैं।
  • दिल्ली में चलने वाले स्थानीय साधनों की मदद से इस्कॉन मंदिर तक पहुँच सकते हैं। 

सड़क मार्ग से इस्कॉन मंदिर दिल्ही कैसे पहुंचे :

इस्कॉन मंदिर तक जाने के लिए आपने सड़क मार्ग की योजना बनाई हैं तो बता दें कि दिल्ली अपने आसपास के सभी शहरो से सड़क मार्ग के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ। आप बस या अन्य किसी साधन सेइस्कॉन मंदिर तक आसानी से पहुँच जाएंगे। दिल्ही में कई बस टर्मिनल परिवहन निगम है जिसमे कश्मीरी गेट जिसको आईएसबीटी जिसेको “आईएसबीटी के नाम से भी पहचाना जाता है और यह दिल्ही का सबसे बड़ा टर्मिनल है। 

इसके अलावा दिल्ही में सराय काले खान आईएसबीटी जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के नजदीकी है।

और आनंद विहार आईएसबीटी, बीकानेर हाउस और इंडिया गेट के नजदीकी है।

मंडी हाउस , बाराखंभा रोड के नजदीकी मजनू दी टीला स्थित है।

यहा से आप टैक्सी या कैब के इस्तेमाल करके इस्कॉन मंदिर तक पहुँच सकते है।

Iskcon Temple Delhi Map –


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Iskcon Temple video – 

इस्कॉन मंदिर के प्रश्न – 

1 . इस्कॉन मंदिर कहा स्थित है ?

इस्कॉन मंदिर भारत की राजधानी दिल्ही के पूर्व क्षेत्र में स्थित है। 

2  . इस्कॉन मंदिर दूसरे कोनसे नाम से पहचाना जाता है ?

दिल्ही में स्थित इस्कॉन मंदिर को राधा – कृष्ण के नाम से भी पहचाना जाता है। 

इस्कॉन मंदिर में कितने मंदिर है और किस भगवान  समर्पित है ?

इस्कॉन मंदिर में तीन मंदिर है इसमें क्रमश राधा-कृष्ण, सीता-राम और गौरा-निताई भगवान को समर्पित है।

3 . इस्कॉन मंदिर में स्थित तीन मंदिरो की ऊंचाई कितनी है ?

इस्कॉन मंदिर में स्थित तीन मंदिरो मेसे प्रत्येक मंदिर की ऊंचाई 90 फिट है। 

4 . मंदिर का मुख्य उत्सव कौनसा मनाया जाता है ?

मंदिर का मुख्य उत्सव जन्मास्टमी का त्यौहार मनाया जाता है।

यह त्यौहार सुबह 4:30 से प्रारंभ होता है और देर रात तक भक्त इस उत्सव को मनाते है।

जन्मास्टमी के दिन भगवान कृष्ण की शोभायात्रा निकाली जाती है।

भक्त कृष्ण भगवान की विशेष पूजा करवाते है और अन्य कई सांस्कृतिक कार्यक्रमोंका आयोजन किया जाता है। 

इसके अलावा जन्मास्टमी के दिन कृष्ण भगवान की प्रतिमा को विशेष श्रृंगार किया जाता है।

5 . इस्कॉन मंदिर में देखने लायक स्थल ?

इस्कॉन मंदिर में वैदिक संस्कृति का संग्रहालय , 

वैदिक कला को प्रदर्शित करनेवाला भवन , 

रामायण आर्ट गैलरी , 

भगवद्गीता अनिमत्रोनिक्स रोबोट शो मुख्य देखने लायक स्थल है।  

6 . इस्कॉन मंदिर का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा कौनसा है ?

इस्कॉन मंदिर का सबसे नजदीकी इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है जो दिल्ही शहर के पश्चिम क्षेत्र में स्थित है।

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Conclusion – 

दोस्तों उम्मीद करता हु आपको मेरा ये लेख इस्कॉन मंदिर के बारे में पूरी तरह से समज आ गया होगा। इस लेख के द्वारा हमने iskcon temple delhi के बारे में जानकारी दी अगर आपको इस तरह के अन्य ऐतिहासिक स्थल और प्राचीन स्मारकों की जानकरी पाना चाहते है तो आप हमें कमेंट करे। आपको हमारा यह आर्टिकल केसा लगा बताइयेगा और अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे। धन्यवाद।

4 thoughts on “Iskcon Temple History In Hindi Delhi | इस्कॉन मंदिर का इतिहास और जानकारी”

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