Golden Temple History in Hindi

Golden Temple History in Hindi | स्वर्ण मंदिर अमृतसर का इतिहास और जानकारी

सिर्फ भारत में नहीं लेकिन पूरी दुनिया का मशहूर मंदिर Amritsar Ka Golden Temple है। आज हम भारत के सिख धर्म के तीर्थ स्थलों में से 400 किलो सोने से निर्मित अमृतसर का स्वर्ण मंदिर का इतिहास और जानकारी देने वाले है।

यह स्वर्ण मंदिर को हरमंदिर साहिब के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो यह सिखों का गुरुद्वारा है, लेकिन भारत देश में हर धर्म को एकसमान मानने के कारन यह गुरुद्वारा के नाम के साथ मंदिर (Temple) शब्द को जोड़ा गया है। सिख धर्म के अलावा यहाँ पर सभी धर्मो के लोग दर्शन के लिए आया करते है। Golden Temple built by, गोल्डन टेम्पल कहा है और Golden Temple photos के साथ आज के हमारे आर्टिकल में सिख के आस्था केंद्र स्वर्ण मंदिर की दिलचस्प कहानी और गोल्डन टेम्पल किसने बनाया बताने वाले है। तो चलिए Golden Temple in hindi शुरू करते है।

Golden Temple History in Hindi –

शिख धर्म के चौथे गुरू रामदास जी ने स्वर्ण मंदिर की नींव रखी थी। एक कहानी में ऐसा भी कहा जाता है की गुरुजी ने रामदास जी ने 1588 में में लाहौर के मियां मीर नाम के एक सूफी सन्त से यह गुरुद्वारे की नींव रखवाई थी। यह स्वर्ण मंदिर कई समय नष्ट भी किया गया है। लेकिन शिख धर्म के आस्था एव भक्ति की वजह से फिरसे पुनःनिर्माण करवाया गया है। और उसकी सभी घटनाओ को मंदिर में अंकित करवाया गया है। अफगा़न आक्रमण ने 11 मी शताब्दी में स्वर्ण मंदिर को पूरीतरह से नस्ट करदिया गया था। उसके बाद महाराज सरदार जस्सा सिंह अहलुवालिया ने उन्हें फिरसे बनाया और उस पर सोने की परत लगाई थी । 1984 में आतंकी भिंडरावाले ने उसपर कब्ज़ा कर लिया था। लेकिन भारतीय सेना ने अंदर घुसकर ही इस आतंकी को खत्म कर दिया था।

स्वर्ण मंदिर अमृतसर का इतिहास और जानकारी
स्वर्ण मंदिर अमृतसर का इतिहास और जानकारी

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Built The Golden Temple | स्वर्ण मंदिर किसने बनवाया

Golden Temple amritsar को शिखो के चौथे गुरू रामदास ने स्वर्ण मंदिर को 1577 में 500 बीघा में बनाने की शुरुआत की थी। और शिखो के पांचवे गुरू अर्जन देव जी ने  टैंक और इस पवित्र सरोवर के बीच में स्वर्ण मंदिर यानि हरमंदिर साहिब यानि को बनाया और सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ को स्थापित किया था। यह इतिहास करीब 400 साल पुराना है।  और अमृतसर का अर्थ अमृत का टैंक होता है।

उसके निर्माण कार्य के समय में सरोवर को सूखा रखा गया था। उनके निर्मणा कार्य के पहले चरण को पूरा करने के लिए तक़रीबन 8 साल का वक़्त लगते उन्हें 1604 में पूरी तरह तैयार करदिया गया था। और महाराज सरदार जस्सा सिंह अहलुवालिया ने उन्हें फिरसे बनाया और उस पर सोने की परत लगाई थी । मंदिर के चार दरवाजे सभी धर्म के भक्त्तो को यहां आने के लिए आमंत्रित करते हैं।

Darshan Timings Golden Temple | स्वर्ण मंदिर में दर्शन करने का समय 

आपको बतादे की स्वर्ण मंदिर में दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। अगर आपको यहाँ दर्शन करने है। तो लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ेगा आप सुबह 4 बजे से लाइन में लग सकते है। क्योकि अगर आप लाइन में खड़े रहेंगे तो जल्द ही आपको दर्शन करने मिलेंगे। Golden Temple timings की बात करे तो सुबह 3 बजे से रात 10 बजे तक कोई भी व्यक्त्ति दर्शन कर सकता है। sunday के दिन यहाँ बहुत भीड़ होती है इसीलिए शनिवार-रविवार को छोड़कर आपको जाना चाहिए।

Golden Temple images
Golden Temple images

स्वर्ण मंदिर जाने के लिए सबसे अच्छा समय –

कई यात्रिक पूछते है की What Is The Best Time To Visit Golden Temple तो आपको बतादे की वीकेंड्स शनिवार-रविवार को छोड़कर आप किसी  भी समय आ सकते है। मगर अगर आप गर्मियों में यहाँ आते है तो आपको बहुत ही तकलीफ सहनी पड़ेगी क्योकि उस वक्त्त स्वर्ण मंदिर अमृतसर में बहुत गर्मी हुआ करती है। लेकिन आप अगर जुलाई से अगस्त के बीच बारिश के मौसम में आते है तो आपको बहुत ही सुहावना अनुभव मिल सकता है। उसके अलावा अक्टूबर से मार्च तक का समय भी बहुत ही अच्छा है।

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Golden Temple Langar | स्वर्ण मंदिर में लंगर

आपको बतादे की स्वर्ण मंदिर के रसोईघर में हर दिन 45 हजार से भी ज्यादा भक्तो को मुक्त में लंगर खिलाया जाता है। गुरूद्वारे में के लंगर में हर कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है। आपको बतादे की वीकेंड्स शनिवार-रविवार को 5 लाख से भी ज्यादा लोगो को मंदिर में लंगर खिलाया जाता है। यहाँ रोटी बनाने में हररोज तक़रीबन 12 हजार किलो आटा लगाया जाता है।

रोटियां तैयार करने के लिए यहाँ एक बार में 25 हजार रोटियां तैयार करने वाले मशीन लगाए थे। अगर आपको लंगर में खाने के लिए सिर को ढंकना और जूते उतारना  जरुरी है। सिख लंगर को सिखों के प्रथम गुरू गुरूनानक ने शुरू करवाया था। यहाँ पर किसी भी भक्त को रहने के लिए पूरी व्यवस्था में कई कमरे और हॉल मौजूद है। उसमे सोने के लिए चादर, तकिया और कंबल की भी सुविधा दी जाती है। और कोई भी व्यक्ति को तीन दिन तक ठहर ने की अनुमति दी जाती है।

अमृतसर स्वर्ण मंदिर फोटो
अमृतसर स्वर्ण मंदिर फोटो

स्वर्ण मंदिर में ध्यान रखने वाली बातें –

  • अमृतसर में स्थित गोल्डन टेम्पल में श्रद्धालुओं को यहां के नियमों का पालन करना जरुरी है।
  • दरबार साहिब यानि स्वर्ण मंदिर के अंदर गुरुवाणी को सुनने के समय लोगो को जमीन पर ही बैठना पड़ता है।
  • स्वर्ण मंदिर के अंदर व्यक्त्ति को अपने सिर को स्कार्फ, रूमाल या डुपट्टा से ढंकन जरुरी हैं।
  • दरबार साहिब में स्लीव्स ड्रेस या घुटनों से ऊपर की कोई भी ड्रेस पहनने की अनुमति नहीं है।
  • अमृतसर में गर्मी होने केस कारन आपको कॉटन के कपड़े पहना जरुरी है।
  • दरबार साहिब यानि स्वर्ण मंदिर के अंदर फोटोग्राफी केवल परिक्रमा में ही अनुमति है।
  • अगर किसी को अंदर की फोटोग्राफी करनी है तो विशेष तौर से परमिशन लेना बहुत आवश्यक है।
  • स्वर्ण मंदिर पवित्र तीर्थस्थल होने के कारन यहाँ अंदर ड्रग्स, मीट, शराब और सिगरेट जैसी चीज़ो को लेने या ले जाने के लिए परमिशन नहीं है।

अमृतसर में घूमने की जगह –

अगर कोई भी व्यक्ति स्वर्ण मंदिर जाता हैं तो उसको स्वर्ण मंदिर के आसपास के कुछ देखें योग्य खूबसूरत स्थानों को भी घूमना चाहिए। यह स्वर्ण मंदिर से बहुत नजदीक ही वाघा बॉर्डरउपस्थित है। जो हमारे भारत देश को पाकिस्तान से जोड़ती है। यहाँ आपको हमारे भारतीय सैन्य विरो की कहानिया गर्व महसूस कराती है। उसके आलावा सिखों के पांच तख्तों में से एक अकाल तख्त को देख सकते हैं।

ऐसी मान्यता है की अमृतस आने वाले को अकाल तख्त और दुर्घियाना मंदिर जरूर देखना चाहिए। दुर्घियाना मंदिर को लक्ष्मीनारायण मंदिर भी कहते है। यह अमृतसर स्टेशन से सिर्फ 1.5 किमी दूर जलियांवाला बाग स्थित है। जहा पर अंग्रेज सरकार के जनरल दायर ने कई लोगो को मार दिया था। यहाँ पर विजिट करने के लिए कोई भी शुल्क या भुगतान नहीं करना पड़ता है।

Golden Temple
Golden Temple

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स्वर्ण मंदिर का सरोवर | Lake of Golden Temple

यह स्वर्ण मंदिर के सरोवर को श्री गुरु रामदास जी निर्मणा करवाया था। मंदिर सरोवर के मध्य में ही बना है। स्वर्ण मंदिर जाने के लिए सरोवर से रास्ता है।  स्वर्ण मंदिर सरोवर का जल अमृत के सामान कहा जाता है। जिसके चलते यह सरोवर को अमृतसर भी कहते है। और उतनाही नहीं यह शहर का नाम भी सरोवर के नाम पर ही रखा गया है। हमारे सिख धर्म में ये मानना हैं की यहाँ स्नान करने से सारे दुःख-दर्द दूर हो जाते हैं। यह सरोवर के साथ एक कहानी भी जुडी हुई है।

Hotels Near Golden Temple –

1 .Hotel G R Residency

2 .Hotel Heaven View

3 .Hotel Urban Galaxy – Luxury budget Hotel

4 .Hotel Vacation Inn – Best Hotel Near Golden Temple

5 .Hotel Sita Niwas Since 1965

6 .GURJEET HOTEL BY NAAVAGAT

7 .FabHotel Le Golden

8 .HOTEL MERCURY INN

9 .Star Light Hotel

10 .Hotel Golden Blessings

श्री हरमंदिर साहिब
श्री हरमंदिर साहिब

स्वर्ण मंदिर पहुंचने के रास्ते –

Golden Temple पहुंचने के लिए आपको कोई भी परेशानी नहीं होती है। दिल्ली से अमृतसर जाने के लिए आपको रेलवे या सड़क मार्ग का चुनाव आप कर सकते है। दिल्ली से अमृतसर करीब 500 किलोमीटर की दूरी जिसमे आपको 8 घंटे का समय लगता है। अगर आपको फ्लाइट से जाना चाहते है तो एक ही घंटे के समय में अमृतसर पहुंच सकते है। राजासांसी एयरपोर्ट उतरके आप बहुत ही आसानी से गोल्डन टैंपल के लिए 15 मिनट का समय लगता है। अमृतसर से पाकिस्तान सिर्फ 25 किलोमीटर दूर है। दिल्ली शहर से आप करनाल, अंबाला, खन्ना, जलंधर और लुधियाना से गुजरते हुए अमृतसर के गोल्डन डेम्पल पहुंच सकते हैं।

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Amritsar Golden Temple Location Map –

Golden Temple Video –

Interesting Facts – 

  • श्री हरमंदिर साहिब के नाम का अर्थ भगवान का मंदिर होता है।
  • यह मंदिर में सभी जाती-धर्म के लोग बिना किसी भेदभाव के आते है।
  • मंदिर के तीन नाम श्री हरमिंदर साहेब, स्वर्ण मंदिर और श्री दरबार साहिब भी कहा जाता है।
  • स्वर्ण मंदिर अमृतसर में स्थित 400 कीलो सोने से जड़ा हुआ गुरुद्वारा है।
  • गुरु रामदास ने स्वर्ण मंदिर बनवाने का शुरू किया था।
  • स्वर्ण मंदिर को गुरु अर्जुन देव ने मंदिर की वास्तुकला और पूरा बनवाने का काम किया था।
  • स्वर्ण मंदिर में संक्रांति, बैसाखी, लोह़ड़ी, प्रकाशोत्सव और शहीदी दिवस जैसे त्योहार बहुत धूमधाम से मनाए जाते हैं।

FAQ –

स्वर्ण मंदिर की नींव कब और किसने रखी ?

शिख धर्म के चौथे गुरू रामदास जी ने स्वर्ण मंदिर की नींव रखी थी।

अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के रूप में जाना जाने वाला सिख धर्म के सबसे पवित्र मंदिर को पूरा करने वाले कौन से सिख गुरु है ?

स्वर्ण मंदिर को गुरु अर्जुन देव ने मंदिर की वास्तुकला और पूरा बनवाने का काम किया था।

स्वर्ण मंदिर में किसकी पूजा होती है?

श्री हरमंदिर साहिब के अंदर ही अकाल तख्त भी मौजूद है।

जिसे छठवें गुरु, श्री हरगोविंद का घर भी माना जाता है।

अमृतसर का पहले क्या नाम था ?

स्वर्ण मंदिर सरोवर का जल अमृत के सामान है।

जिसके चलते यह सरोवर को अमृतसर कहते है।

और शहर का नाम भी सरोवर के नाम पर ही रखा गया है।

अमृतसर स्वर्ण मंदिर में कितना सोना लगा है?

स्वर्ण मंदिर अमृतसर में स्थित 400 कीलो सोने से जड़ा हुआ गुरुद्वारा है।

Conclusion –

आपको मेरा Golden Temple History in Hindi बहुत अच्छी तरह से समज आया होगा। 

लेख के जरिये is Golden Temple open now और स्वर्ण मंदिर की नींव किसने रखी से सबंधीत  सम्पूर्ण जानकारी दी है।

अगर आपको किसी जगह के बारे में जानना है। तो कहै मेंट करके जरूर बता सकते है।

हमारे आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शयेर जरूर करे। जय हिन्द।

Note –

आपके पास Golden Temple chennai या अमृतसर का इतिहास, Golden Temple vellore timings की कोई जानकारी हैं।

या दी गयी जानकारी मैं कुछ गलत लगे तो दिए गए सवालों के जवाब आपको पता है।

तो तुरंत हमें कमेंट और ईमेल मैं लिखे हम इसे अपडेट करते रहेंगे धन्यवाद 

1 .स्वर्ण मंदिर कौन सी झील में स्थित है ?

2 .स्वर्ण मंदिर में किसकी मूर्ति है ?

इसके बारेमे भी पढ़िए :- मलाइका अरोड़ा जीवनी

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