Champaner History In Hindi Pavagadh

चंपानेर का इतिहास पावागढ़ | Champaner History In Hindi Pavagadh

Champaner प्राचीन नगर के इतिहास के बारे में जाने तो इस नगर को वल्द की यूनेस्को champaner heritage site में साल 2004 में स्थान दिया गया है। इस स्थान के बारे कई सारे पर्यटक नहीं जानते। 

चांपानेर एक समय में गुजरात की राजधानी बनने का गौरव हांसिल कर चूका है और कुछ समय में यह अपना नाम भी खो चूका है यानि की लुप्त हो चूका था। चांपानेर नगर में प्राचीन मज्जिद ,जैन मंदिर इसके अलावा वाटर इंस्टालेशन और प्राचीन दीवारे स्थित है यह स्थान अपनी अनोखी भव्यता लिए हुआ खड़ा है। 

अगर आप इस गुजरात का प्राचीन नगर champaner pavagadh के बारे में जानकरी और champaner history पाना चाहते है तो आप यह आर्टिकल को पढ़कर इसका इतहास के बारे में जान सकते है। और इस शहर के इतिहास को बारीकीसे जान सकेंगे। 

Champaner History In Hindi –

चांपानेर नगर का प्राचीन समय का इतिहास पुरातात्विक अवशेषों और अभिलेखों को देखकर इस प्राचीन नगर के बारे में जान सकेंगे। यह प्राचीन नगर केथलिक काल के समय में ई.स 400 साल के पहले उपस्थित था। इतिहासकारो के मतानुसार पहाड़ियों की दिव्यता और सुंदरता माँ कालिका के दाहिने पैर के तलवे से निकली हुई है जो स्पस्ट रूप से पहाड़ी के रूप में देख सकते है। 

इस नगर का नाम चंपा से champaner-pavagadh रखा गया है जो वनिया या फिर कानबी कहा जाता था। चंपानेर नगर की स्थापना अन्हिलवाड़ पाटन के वनराजा चावड़ा के समय दौरान यानि की ईस्वी 746 से 806 तक हुवा था। चंपानेर नगर पर ग्यारहवीं शताब्दी में रामगौड़ तुअर ने इस क्षेत्र पर शासन किया था और चंपानेर ईस्वी 1297 तक के समय में अन्हिलवाड़ के आधीन रहा था और इसके बाद अलाउद्दीन खिलजी ने हराया था और उन्होंने गढ़ बना लिया था।

champaner History In Hindi
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Champaner का इतिहास और शासन  – 

इस सथा मय दौरान चौहान राजपूत भी चंपानेर में बसे थे चंपानेर के पावागढ़ की पहाड़ी पर एक स्थान जहा सोलंकी राजाओ औ खिंची चौहानों ने किले बनाए और वहां से शासन किया। परन्तु उन्होंने साल 1484 में चंपानेर क्षेत्र से उनका अधिकार खो दिया। इस क्षेत्र को लेकर कई लोगो के मन में मतभेद है कई इतिहासकार कहते है की चावड़ा वंश के राजा वनराज चावड़ा के मंत्रियो में से एक मंत्री के नाम पर से इस क्षेत्र का नाम चंपानेर रखा गया था। मंत्री के नाम से इस क्षेत्र का नाम रखने का कारण यह था की वह मंत्री राजा का प्रिय मंत्री था। 

ऐसा कहा जाता है की चंपक नाम पर से इस क्षेत्र का नाम चंपानेर रखा गया था यह शहर ऐतिहासिक विरासतों का प्राचीन और विशाल धरोहर माना जाता है। चंपानेर नगर ने कई उतार-चढाव को कई बार देखा है इसमें कई प्राचीन भिन्न-भिन्न प्राचीन स्थलों को इस क्षेत्र में देख सकते है। आज हम आपको इस क्षेत्र के प्राचीन और ऐतिहासिक स्थलों के बारे में इस आर्टिकल में हम आपको जानकरी देंगे अगर आप चंपानेर क्षेत्र क इतिहास और उनके प्राचीन स्थलों के बारे में जानना चाहते है तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़कर उनकी जानकारी और इतिहासके बारे में जान सकेंगे। 

Champaner के प्राचीन स्थल – 

एक मीनार की मज्जिद :

चंपानेर में प्राचीन मज्जिदो में एक मीनार की मज्जिद इस प्राचीन गुजरात की प्राचीन राजधानी का प्रमुख स्मारक है।

इस मज्जिद में एक मीनार का निर्माण करवाया गया था।

इस कारण की वजह से इस स्मारक को एक मीनार मज्जिद के नाम से पहचाना जाता है। 

कबूतरखाना :

चंपानेर में कबूतरखाना उन स्थल के प्राचीन स्थलों में पर्यटकों को बेहद ज्यादा पसंद आता है और इस स्थान को देखकर कबूतर बड़ी संख्या में इस स्थान पर रहने आते है। प्राचीन समय में इस क्षेत्र में बहोत भारी संख्या में कबूतर रहते थे इसलिए वहा के महाराजाओ ने इस जगह पर कबूतरों को रहने के लिए और उनके भोजन , खाने के लिए उनकी पूरी व्यवस्था की गई थी। 

यह स्मारकों को देखकर ऐसा लगता है की वहा के शासक पक्षी प्रेमी होंगे।

इसकी वजह से इस स्थान पर सेंकडो की संख्या में कबूतर रहते थे।

और उनकी देखभाल के लिए कबूतरखाना का निर्माण करवाया गया था।

champaner History
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कमानी मज्जिद :

champaner में कमानी मज्जिद ऐसा स्मारक है जिसमे कलात्मक वास्तुकला का एक उत्तम नमूना स्थित है इस मज्जिद के निर्माण और उनकी बनावट की वास्तुकला और उनकी वास्तुशैली को देखकर वहा देखने के लिए बड़ी भारी संख्या में पर्यटक इस कमानी मज्जिद को देखने के लिए आते है। 

जामी मज्जिद :

चंपानेर प्राचीन नगर में अनेक प्राचीन मज्जिदो में jami masjid champaner भी एक प्राचीन और आकर्षक स्थान है यह जामी मज्जिद के स्तंभों पर बहोत बारीकी से बहोत आकर्षक नक्काशी की गई है। जामी मज्जिद की आकर्षक नक्काशी से इस स्मारक को अधिक खूबसूरत बन देता है। 

केवड़ा मस्जिद :

चंपानेर की मज्जिदो में kevada masjid धार्मिक संस्कार के लिए यह स्थान काफी महत्वपूर्ण स्थान रहता है। और उसका निर्माण और उनकी वास्तुकला की वजह से यह स्मारक बहोत आकर्षक बन गया है। 

लीला गुंबाई की मस्जिद :

चंपानेर की अनेक मज्जिदो में यह लीला गुम्बद की मज्जिद ऊँचे आधार पर इसका निर्माण करवाया गया है।

इस मज्जिद के निर्माण में लंबे धारीदार गुंबद के निर्माण करवाया गया है। 

नगिना मस्जिद :

नगीना मज्जिद चंपानेर की कई मज्जिदो में से एक आकर्षक मज्जिद है।

यह चंपानेर की यह जटिल नक्काशी के निर्माण में वास्तुशैली के लिए पहचानी जाती है।

पावागढ़ घाटी :

चंपानेर क्षेत्र में एकऔर आकर्षक स्थान है जिस स्थान को चंपानेर घाटी के नाम से पहचाना जाता है।

चंपानेर के अनेक आकर्षक स्थानों में यह घाटी को मुख्य स्थान दिया गया है। 

शहर की मस्जिद :

चंपानेर की प्राचीन मज्जिदो में यह शहर की मज्जिद के रूप में पहचाना जाता है।

यह मज्जिद का निर्माण सुल्तानों की निजी मज्जिद के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता था। 

कालिका माता मंदिर Champaner :

champaner
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कालीमाता का मंदिर चंपानेर के प्राचीन नगरों में से एक मुख्य आकर्षक और धार्मिक आस्था का स्थान है।

काली माता का मंदिर पावागढ़ घाटी के कुछ ही दुरी पर स्थित है।

काली माता का मंदिर बहोत प्राचीन और आकर्षक आस्था का स्थान माना जाता है।

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Champaner के नजदीकी पर्यटन स्थल –

  • चंपानेर की मस्जिदें
  • सिकंदर शाह का कब्र
  • हलोल
  • सकर खान दरगाह
  • मकाई कोठार
  • नवलखा कोठार
  • किला
  • हेलीकल बावली
  • ईंट का मकबरा  
  • champaner fort
  •  चंपानेर के प्राचीन मंदिर
  • किले की दीवारें
  • जांबुघोड़ा वन्यजीव अभ्यारण्य
  • केवड़ी ईको कैंपसाइट
  • धानपरी ईको कैंपसाइट 

चंपानेर घूमने का सबसे अच्छा समय –

अगर आप चंपानेर प्राचीन नगर की यात्रा करना चाहते तो आप अच्छी तरह से जान ले की आपको इस प्राचीन नगर की यात्रा ठंड के मौसम में बहोत अच्छी और लाभदायक रहेगी। अगर आप चंपानेर में गर्मीयो के समय में यात्रा करेंगे तो आपको तेज धुप की वजह आपको बहोत अधिक परेशानी होगी और बारिश के मौसम में गए तो आपको बारिश से तो परेशानी होगी लेकिन आपको घुमने और रुकने की बहोत परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। 

चंपानेर कैसे पहुंचे –

अगर आप चंपानेर की यात्रा करना चाहते है तो आपको कई तरह के विकल्प आपके सामने है। आप चंपानेर हवाई मार्ग और ट्रेन मार्ग और सड़क मार्ग का इस्तेमाल करके आप चंपानेर के प्राचीन नगर तक पहुँच सकते है। 

चंपानेर सड़क मार्ग से कैसे पहुंचे : 

गुजरात राज्य में यह चंपानेर प्राचीन नगर पर्यटकों के लिए बहोत आकर्षक है चंपानेर में पहुँचने के लिए गुजरात की सडको का नेटवर्क बहुत अच्छा है। चंपानेर की सड़क अन्य बड़े स्थानों से जोड़ता है इस स्थान तक पहुँच ने के लिए आप vadodara to champaner से भी यात्रा कर सकते है आप वड़ोदरा से टेक्सी लेकर 45 किमी का सफर तय कर सकते है। 

Champaner ट्रेन मार्ग से कैसे पहुंचे : 

आपको ट्रेन मार्ग से चंपानेर जाना है। तो रेलवे का भी इस्तेमाल कर सकते है इस स्थान का नजदीकी रेल्वे स्टेशन चंपानेर रोड से करीबन 13 किमी की दुरी पर स्थित है। मुख्य रेल्वे स्टेशन चंपानेर की बात करे तो जिसमे पुरे भारत की कई ट्रेनों वह स्थान पर यात्रा करती है चंपानेर स्थान से करीबन 36 किमी की दुरी पर स्थित है यहाँ से गोधरा और वड़ोदरा जंक्शन से करीबन 37 किमी की दुरी पर स्थित है। 

चंपानेर हवाई मार्ग से कैसे पहुंचे : 

अगर आप चंपानेर प्राचीन नगर तक हवाई मार्ग से जाना चाहते है तो आप अपने शहर से गुजरात के हवाई अड्डे तक पहुँच सकता है। और गुजरात के कई शहरों के हवाई अड्डे से आप बस या टेक्सी के माध्यम से आप चंपानेर तक पहुँच सकते है। 

Champaner Pavagadh Map –


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Champaner History Video –

चंपानेर के अन्य प्रश्न –

 1. चंपानेर प्राचीन नगर को किस साल में यूनेस्को हेरिटेज में स्थान दिया गया था ?

चंपानेर प्राचीन नगर को साल 2004 यूनेस्को हेरिटेज में स्थान दिया गया है।

2. चांपानेर नगर में प्राचीन कौन से स्मारक मौजूद है ?

चांपानेर नगर में प्राचीन मज्जिद ,जैन मंदिर इसके अलावा वाटर इंस्टालेशन और प्राचीन दीवारे स्थित है। 

3. चंपानेर प्राचीन नगर कितने साल पुराना है ?

चंपानेर प्राचीन नगर करीबन 400 साल से ज्यादा पुराना है। 

4. चंपानेर नगर प्राचीन समय में गुजरात का क्या माना जाता था ?

चंपानेर नगर प्राचीन समय में गुजरात की राजधानी का दरज्जा मिला था। 

5. चंपानेर नगर की स्थापना कब और किसके शासनकाल में हुवा था ?

चंपानेर नगर की स्थापना अन्हिलवाड़ पाटन के वनराजा चावड़ा के समय दौरान

यानि की ईस्वी 746 से 806 तक हुआ था।

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Conclusion –

दोस्तों उम्मीद करता हु आपको मेरा ये लेख champaner के बारे में पूरी तरह से समज आ गया होगा।इस लेख के द्वारा हमनेchampaner pavagadh के बारे में और champanerhistory की जानकारी दी अगर आपको इस तरह के अन्य ऐतिहासिक स्थल और प्राचीन स्मारकों की जानकरी पाना चाहते है तो आप हमें कमेंट करे। आपको हमारा यह आर्टिकल केसा लगा बताइयेगा और अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे। धन्यवाद।

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